Himachal Pradesh healthcare crisis को लेकर पिछले एक हफ्ते से जारी तनाव अब शांत होता नजर आ रहा है। राज्य सरकार द्वारा एक वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर की बर्खास्तगी की review inquiry कराने के आश्वासन के बाद सैकड़ों हड़ताली डॉक्टर वापस ड्यूटी पर लौट आए हैं, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं दोबारा सामान्य हो गई हैं।
यह मामला Indira Gandhi Medical College (IGMC), Shimla में 22 दिसंबर को हुई एक घटना से जुड़ा है, जहां senior resident Dr Raghav Nirula पर एक मरीज से मारपीट का आरोप लगा था। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उनकी service termination और senior residency cancellation का फैसला लिया, जिसके विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों ने राज्यव्यापी हड़ताल शुरू कर दी थी।
CM Sukhvinder Singh Sukhu का दखल
सोमवार को Chief Minister Sukhvinder Singh Sukhu ने खुद हस्तक्षेप करते हुए इस गतिरोध को खत्म करने की पहल की। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को भरोसा दिलाया कि सरकार किसी का करियर बर्बाद करने के इरादे से काम नहीं कर रही है और पूरे मामले की fresh inquiry कराई जाएगी।
CM Sukhu ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“हमारी सरकार किसी के करियर को खत्म करने नहीं आई है। हर सजा की एक तय समय-सीमा होती है और संबंधित डॉक्टर ने अपने कृत्य पर पश्चाताप भी जताया है।”
Special Committee का गठन
सरकार ने इस मामले की दोबारा जांच के लिए एक specialised committee गठित करने की घोषणा की है। यह समिति दो अहम बिंदुओं पर रिपोर्ट देगी—
डॉक्टर की permanent termination की समीक्षा
Senior residency cancellation पर पुनर्विचार
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, आगे की administrative action पूरी तरह समिति की सिफारिशों पर निर्भर करेगी।
Doctors Strike खत्म, अस्पतालों में सेवाएं बहाल
CM Sukhu ने इस बात पर संतोष जताया कि डॉक्टर समुदाय ने सरकार की अपील का सम्मान करते हुए जांच पूरी होने तक काम पर लौटने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि जब मेडिकल स्टाफ सरकार पर भरोसा दिखाता है, तो सरकार भी उनकी भावनाओं का सम्मान करेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले डॉक्टरों की हड़ताल के चलते राज्य भर में medical services badly affected हुई थीं। अब हड़ताल खत्म होने के बाद hospitals across Himachal Pradesh पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं।
आगे क्या?
सरकार ने संकेत दिए हैं कि नई समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही Dr Raghav Nirula के भविष्य को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। फिलहाल, healthcare system restored होने से आम मरीजों ने राहत की सांस ली है।