Three months later, police remain empty-handed; CBI demands answers in Angel Chakma case
नई दिल्ली. देहरादून में त्रिपुरा के छात्र Angel Chakma की हत्या का मामला लगातार सुर्खियों में है। All India Chakma Student Union सहित कई छात्र संगठन इसे racial attack (हेट क्राइम) बताते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं। हालांकि Dehradun Police ने स्पष्ट किया है कि यह घटना नस्लीय नहीं थी। एसएसपी Ajay Singh ने बताया कि मामला दो गुटों के बीच अचानक हुई कहासुनी का परिणाम था और हमलावरों में पूर्वोत्तर (Manipur), नेपाल और Boksa जनजाति के युवक शामिल थे।
एसएसपी ने बताया कि यह एक दुखद घटना
एसएसपी ने बताया कि यह एक दुखद घटना है। मृतक छात्र Angel Chakma अपने भाई के साथ बाजार से सामान खरीदने गया था। उसी समय पास में शराब पी रहे छह युवकों के बीच किसी बात को लेकर तकरार हुई, जो जल्दी ही भयंकर झड़प में बदल गई। झड़प के दौरान छात्र को गंभीर चोटें लगीं और अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
सोशल मीडिया पर उठ रहे racial attack claims पर पुलिस ने साफ किया कि मामला केवल स्थानीय विवाद का नतीजा था। पुलिस ने CCTV footage और मुखबिरों की सूचना के आधार पर छह आरोपियों की पहचान की। इनमें से पांच को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। छात्र की मौत के बाद मुकदमे में हत्या की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस Nepal Border तक पहुंची
फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस Nepal Border तक पहुंची। एसएसपी ने बताया कि छठे आरोपी के खिलाफ court warrant जारी हो चुका है और टीम उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है। हालांकि अभी तक आरोपी को पकड़ने में सफलता नहीं मिली।
इस घटना ने उत्तराखंड में कानून और व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। पुलिस का कहना है कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाया जाएगा और घटना का संबंध नस्लीय विवाद से नहीं है।