Uttarakhand: Notices issued to over 1.9 million voters; opportunity to make corrections until August 13; appeals can be filed at three levels.
उत्तराखंड में Special Intensive Revision (SIR) 2026 की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। चुनाव आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक राज्य में 29 मई से तैयारियां शुरू होंगी, जबकि 8 जून से Booth Level Officers यानी BLO घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। इसी बीच राज्य में Cyber Fraud का खतरा भी बढ़ गया है। STF ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि साइबर ठग SIR Survey के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय जोगदंडे ने बताया कि 29 मई से 7 जून तक गणना प्रपत्रों की Printing और कर्मचारियों की Training का काम किया जाएगा। इसके बाद 8 जून से 7 जुलाई तक BLO अधिकारी घर-घर जाकर Voter List Verification और फॉर्म वितरण का काम करेंगे।
निर्वाचन आयोग के अनुसार 14 जुलाई को Draft Voter List प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। सभी शिकायतों और आपत्तियों का निस्तारण 11 सितंबर तक किया जाएगा, जबकि 15 सितंबर को Final Voter List जारी होगी।
इसी प्रक्रिया के बीच Cyber Criminals लोगों को फोन कॉल और मैसेज के जरिए ठगने की कोशिश कर रहे हैं। STF के मुताबिक ठग खुद को Election Commission Officer या BLO बताकर लोगों को डराते हैं कि उनका नाम Voter List से हटाया जा सकता है। इसके बाद वे Aadhaar Number, Bank Details और OTP जैसी संवेदनशील जानकारी मांगते हैं।
कई मामलों में लोगों को तुरंत नाम जोड़ने या Correction कराने का झांसा देकर UPI Payment या QR Code Scan करने के लिए कहा जा रहा है। STF ने यह भी बताया कि कुछ ठग APK File भेज रहे हैं। जैसे ही यूजर इस फाइल को डाउनलोड करता है, उसका मोबाइल हैक हो सकता है और बैंक अकाउंट खाली होने का खतरा बढ़ जाता है।
एसएसपी STF अजय सिंह ने साफ कहा है कि SIR Process से जुड़ा कोई भी काम पूरी तरह निशुल्क होता है। कोई भी अधिकारी फोन पर OTP, बैंक डिटेल या पैसे की मांग नहीं करता। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, QR Code या APK File पर क्लिक न करें।
चुनाव आयोग ने राज्य में 11,733 Polling Booth पर 21 हजार से ज्यादा BLA तैनात किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी कार्य केवल अधिकृत BLO और सरकारी कैंपों के माध्यम से किए जाएंगे।
यदि किसी व्यक्ति को SIR Survey या Voter Verification के नाम पर संदिग्ध कॉल या मैसेज मिले, तो तुरंत Cyber Crime Helpline 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। STF ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी Personal Information को फोन पर साझा न करने की सलाह दी है।