Haridwar's Musharraf arrested by UP ATS, accused of links with ISI Sleeper Cell
उत्तर प्रदेश ATS (Anti Terrorism Squad) ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए हरिद्वार निवासी मुशर्रफ समेत चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह समूह पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और ISI से जुड़े नेटवर्क के लिए काम कर रहा था।
ATS के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को भारत में बड़े आतंकी हमलों और महत्वपूर्ण संस्थानों को निशाना बनाने के टास्क दिए गए थे।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
ATS ने जिन चार संदिग्धों को पकड़ा है, उनमें शामिल हैं:
मुशर्रफ (हरिद्वार)
महकाब (सहारनपुर)
शाहरुख (सहारनपुर)
गगनदीप सिंह (मुजफ्फरनगर)
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह चौथा आतंकी मॉड्यूल है जिसे हाल के दिनों में पकड़ा गया है।
सोशल मीडिया से जुड़ा पाकिस्तान नेटवर्क
ATS जांच में सामने आया है कि आरोपी Instagram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के संपर्क में आए थे।
बताया जा रहा है कि नोएडा में हुई एक गुप्त बैठक में पैसों, हथियारों और संभावित हमलों की योजना पर चर्चा हुई थी।
अस्पताल उड़ाने का मिला था मिशन
ATS सूत्रों के मुताबिक, हरिद्वार के मुशर्रफ को एक अस्पताल को निशाना बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
उसने कथित तौर पर ऑनलाइन रेकी भी की थी और हथियार खरीदने की तैयारी चल रही थी। हालांकि जिस अस्पताल को निशाना बनाया जाना था, उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
POK से आ रहा था RDX और हथियार
जांच एजेंसियों का दावा है कि आतंकी मॉड्यूल को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) से RDX और हथियारों की सप्लाई की जा रही थी।
ATS अब आरोपियों के पिछले मूवमेंट, फोन रिकॉर्ड और संभावित टारगेट्स की जांच कर रही है। इसमें धार्मिक स्थल, पुलिस स्टेशन और सैन्य क्षेत्रों की रेकी की आशंका जताई जा रही है।
ईद पर घर आया था मुशर्रफ
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मुशर्रफ ईद मनाने के लिए गांव आया था और पिछले करीब 10 दिनों से परिवार के साथ रह रहा था। पड़ोसियों का कहना है कि वह सामान्य व्यवहार करता था और मजदूरी तथा वेल्डिंग का काम करता था।
गांव के लोगों को उसकी गिरफ्तारी पर भरोसा नहीं हो रहा। कई लोगों ने उसे “सीधा-सादा लड़का” बताया।
परिवार और पृष्ठभूमि
मुशर्रफ के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है। वह कम पढ़ा-लिखा था और कम उम्र से ही मजदूरी करने लगा था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उसके दादा कभी Indian Institute of Technology Roorkee में काम करते थे और इलाके में उनकी अच्छी छवि थी।
ATS की जांच जारी
फिलहाल ATS पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों के संपर्क किन-किन लोगों से थे और क्या देश के अन्य राज्यों में भी Sleeper Cell सक्रिय हैं।
इस कार्रवाई को उत्तर भारत में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।