"What time does the minister arrive?" Nitish Kumar suddenly arrived at the JDU office and took stock of the public hearing.
बिहार की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitish Kumar एक बार फिर एक्शन मोड में नजर आए। गुरुवार को उन्होंने अचानक पार्टी कार्यालय पहुंचकर मंत्रियों के जनसुनवाई कार्यक्रम का निरीक्षण किया और वहां मौजूद नेताओं व कार्यकर्ताओं से सीधे सवाल किए।
मंत्रियों की टाइमिंग पर पूछा सवाल
JDU कार्यालय पहुंचते ही नीतीश कुमार ने जनसुनवाई कार्यक्रम के प्रभारी प्रो. नवीन आर्य चंद्रवंशी से पूछा,
“मंत्रीजी कितने बजे आते हैं?”
इस पर जवाब मिला कि सभी मंत्री सुबह 11:30 बजे तक पहुंच जाते हैं और समय का पालन करते हैं। इसके बाद नीतीश कुमार ने यह भी पूछा कि लोगों की समस्याएं ठीक से सुनी जा रही हैं या नहीं और किसी को कोई परेशानी तो नहीं हो रही।
उन्होंने साफ कहा कि कोई भी व्यक्ति निराश होकर वापस नहीं जाना चाहिए और हर नागरिक की बात गंभीरता से सुनी जानी चाहिए।
आधे घंटे पहले पहुंचे JDU ऑफिस
दिलचस्प बात यह रही कि Nitish Kumar जनसुनवाई शुरू होने से करीब आधे घंटे पहले ही पार्टी कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों से मुलाकात की।
उन्होंने जनसुनवाई में शामिल होने वाले मंत्रियों को भी तलाशा। थोड़ी देर बाद सभी मंत्री कार्यालय पहुंच गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर उनका स्वागत किया।
विजय चौधरी को दिए खास निर्देश
JDU कार्यालय जाने से पहले नीतीश कुमार उपमुख्यमंत्री Vijay Kumar Chaudhary के आवास भी पहुंचे। वहां विधान परिषद चुनाव लड़ने के इच्छुक कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनसे मुलाकात की।
नीतीश कुमार ने विजय चौधरी से कहा कि सभी कार्यकर्ताओं की बातें ध्यान से सुनें और उन्हें हर मुद्दे की विस्तृत जानकारी दें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पार्टी कार्यकर्ताओं की राय और फीडबैक को गंभीरता से लिया जाए।
CM पद छोड़ने के बाद भी एक्टिव हैं Nitish Kumar
बिहार के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी Nitish Kumar लगातार राज्य की राजनीति और विकास कार्यों पर नजर बनाए हुए हैं।
जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने का फैसला किया था, तब JDU कार्यकर्ताओं ने पटना में जोरदार प्रदर्शन किया था और उनसे बिहार नहीं छोड़ने की अपील की थी। उस समय उन्होंने भरोसा दिलाया था कि वे राज्यसभा जाने के बावजूद बिहार में सक्रिय रहेंगे और विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग करेंगे।
अब लगातार जिलों के दौरे, सरकारी योजनाओं की समीक्षा और पार्टी कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।