Why was Jitendra Mishra chosen as the CEO of the Ram Mandir Trust? Find out the primary reason for the selection.
अयोध्या स्थित राम मंदिर के प्रबंधन में बड़े बदलाव के बीच ट्रस्ट ने अपने पहले पूर्णकालिक Chief Executive Officer (CEO) के रूप में सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि आखिर Ram Mandir CEO के लिए जितेंद्र मिश्र के नाम को ही प्राथमिकता क्यों दी गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस पद के लिए कुल 5585 आवेदन प्राप्त हुए थे और अंतिम चयन प्रक्रिया में जितेंद्र मिश्र के अलावा एक अन्य सैन्य अधिकारी का नाम भी शामिल था।
संकट के समय फैसले लेने का अनुभव बना अहम वजह
जितेंद्र मिश्र के चयन में उनके लंबे सैन्य करियर और संवेदनशील परिस्थितियों में निर्णय लेने के अनुभव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करीब 39 साल तक Indian Air Force में सेवाएं देने वाले जितेंद्र मिश्र ने अपने करियर में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं।
उनका अनुभव ऐसे समय में खास मायने रखता है, जब राम मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर परिसर की Security Management, Crowd Management और Administration को व्यवस्थित रखना बड़ी चुनौती है। ऐसे में सैन्य पृष्ठभूमि वाले अधिकारी का अनुभव मंदिर की व्यवस्थाओं में उपयोगी साबित हो सकता है।
Operation Sindoor के दौरान संभाली थी अहम जिम्मेदारी
जितेंद्र मिश्र के सैन्य करियर में Operation Sindoor भी एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। इस दौरान वह दिल्ली स्थित Western Air Command के Air Officer Commanding-in-Chief के पद पर थे। पश्चिमी वायु कमान के जिम्मे देश के महत्वपूर्ण हवाई क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था रहती है।
इस जिम्मेदारी ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बेहद संवेदनशील मामलों में काम करने का अनुभव दिया। यही वजह है कि राम मंदिर जैसे धार्मिक और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील परिसर के प्रशासन के लिए उनकी विशेषज्ञता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फाइटर पायलट से Western Air Command तक का सफर
एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्र का भारतीय वायुसेना में सफर 6 दिसंबर 1986 को फाइटर पायलट के रूप में कमीशन मिलने के साथ शुरू हुआ था। अपने करीब चार दशक लंबे करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।
वह Fighter Squadron के Commanding Officer, Chief Test Pilot और दो फ्रंटलाइन एयर बेस के Air Officer Commanding जैसे पदों पर रह चुके हैं। इसके अलावा वायु मुख्यालय में उन्होंने Director Operational Planning and Assessment Group तथा Assistant Chief of Air Staff (Projects) जैसी जिम्मेदारियां भी संभालीं।
Western Air Command की जिम्मेदारी संभालने से पहले वह Deputy Chief of Integrated Defence Staff (Operations) के पद पर भी कार्यरत रहे।
3000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव
जितेंद्र मिश्र के पास 3000 घंटे से अधिक का flying experience है। उन्होंने National Defence Academy (NDA), Air Force Test Pilot School, Air Command and Staff College, USA और Royal College of Defence Studies, UK से प्रशिक्षण हासिल किया है।
1 जनवरी 2025 को उन्होंने भारतीय वायुसेना की Western Air Command के Air Officer Commanding-in-Chief का पद संभाला था। इस पद पर उन्होंने एयर मार्शल पंकज मोहन सिन्हा का स्थान लिया था।
राम मंदिर प्रबंधन में आएगा बदलाव?
राम मंदिर ट्रस्ट में हालिया बदलावों के बीच CEO की नियुक्ति को प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, दान और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए एक पूर्णकालिक CEO की भूमिका अहम हो सकती है।
जितेंद्र मिश्र के सैन्य अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि उन्हें Crisis Management, Security Planning और Large-Scale Administration जैसी जिम्मेदारियों में उनकी विशेषज्ञता के कारण इस पद के लिए उपयुक्त माना गया।
हालांकि, उनके चयन को लेकर अंतिम निर्णय ट्रस्ट की चयन प्रक्रिया के तहत हुआ है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना उचित होगा कि उनके लंबे प्रशासनिक एवं सैन्य अनुभव ने उनकी उम्मीदवारी को मजबूत बनाया।