दिल्ली AIIMS जैसा हाल! सुशीला तिवारी अस्पताल में ऑपरेशन के लिए 1 साल की वेटिंग, 1000 से ज्यादा मरीज कतार में

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र के सबसे बड़े अस्पताल डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (STH) में मरीजों को इलाज के साथ-साथ लंबी सर्जरी वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के ईएनटी विभाग में ऑपरेशन के लिए 1000 से अधिक मरीज Waiting List में बताए जा रहे हैं। कान की सर्जरी के लिए मरीजों को करीब एक साल बाद की तारीख मिल रही है, जबकि टॉन्सिल और थायराइड के ऑपरेशन के लिए भी करीब चार से छह महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है।

यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है, जब दिल्ली AIIMS में हार्ट सर्जरी के लिए लंबे इंतजार के बाद एक बच्ची की मौत का मामला चर्चा में रहा। हालांकि, दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन सरकारी अस्पतालों में बढ़ते मरीजों के दबाव और सीमित सर्जिकल क्षमता को लेकर सवाल जरूर उठ रहे हैं।

रोजाना 200 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे OPD में

सुशीला तिवारी अस्पताल के ENT Department में कुमाऊं के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में रोजाना औसतन 200 से अधिक मरीजों की OPD होने की बात सामने आई है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण ऑपरेशन की वेटिंग लिस्ट लगातार लंबी होती जा रही है।

वर्तमान में विभाग के डॉक्टर रोजाना औसतन करीब 8 ऑपरेशन कर रहे हैं। हालांकि, गंभीर और आपातकालीन मामलों में मरीजों को सामान्य वेटिंग का सामना नहीं करना पड़ता और जरूरत के मुताबिक उनका इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है।

कान के ऑपरेशन के लिए करीब एक साल की वेटिंग

ईएनटी विभाग के एचओडी डॉ. शहजाद के मुताबिक, फिलहाल कान के ऑपरेशन के लिए करीब एक साल की वेटिंग चल रही है। वहीं टॉन्सिल और थायराइड की सर्जरी के लिए मरीजों को लगभग चार से छह महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है।

यानी जिन मरीजों की स्थिति ऐसी नहीं है कि उन्हें तत्काल सर्जरी की जरूरत पड़े, उन्हें निर्धारित तारीख का इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीजों को ऑपरेशन के लिए वर्ष 2027 की तारीख मिलने की बात सामने आई है।

डॉक्टर पर्याप्त, लेकिन OT और संसाधनों की कमी

अस्पताल प्रशासन के अनुसार ईएनटी विभाग में National Medical Commission (NMC) के मानकों के मुताबिक विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मौजूद है। विभाग में पीजी डॉक्टरों के अलावा सीनियर रेजिडेंट, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर तैनात हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि समस्या केवल विशेषज्ञों की संख्या से जुड़ी नहीं है। यदि विभाग को एक अतिरिक्त Operation Theatre (OT) और आवश्यक आधुनिक संसाधन उपलब्ध करा दिए जाएं तो सर्जरी की क्षमता बढ़ाई जा सकती है। विभाग का अनुमान है कि इससे मौजूदा वेटिंग पीरियड को काफी कम किया जा सकता है।

निजी अस्पताल में हजारों रुपये का खर्च, STH में Ayushman से मुफ्त इलाज

मरीजों के लिए सरकारी अस्पताल का विकल्प इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि निजी अस्पतालों में ENT से जुड़ी सर्जरी का खर्च काफी अधिक हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कई सामान्य नाक, कान और गले के ऑपरेशन में निजी अस्पतालों में करीब 50 हजार रुपये या उससे अधिक खर्च हो सकता है।

इसके मुकाबले पात्र मरीजों को Ayushman Bharat योजना के तहत सुशीला तिवारी अस्पताल में कई उपचार और सर्जरी की सुविधा बिना अतिरिक्त खर्च के मिल सकती है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए लंबी वेटिंग के बावजूद सरकारी अस्पताल ही बड़ी उम्मीद बना हुआ है।

9 साल की बच्ची को टॉन्सिल की समस्या, मिली 2027 की तारीख

पिथौरागढ़ की बबली परवीन के मुताबिक, उनकी नौ साल की बेटी अलीशा को टॉन्सिल की समस्या है। अस्पताल में जांच कराने के बाद उन्हें ऑपरेशन के लिए 9 जून 2027 की तारीख दी गई है। परिवार का कहना है कि निजी अस्पताल में सर्जरी का खर्च वहन करना मुश्किल है, इसलिए सरकारी अस्पताल में ही इलाज का इंतजार करना पड़ रहा है।

इसी तरह अल्मोड़ा के गोकुल सिंह बिष्ट ने बताया कि उनकी बहन हेमा बिष्ट के कान में परेशानी है। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें सितंबर 2027 में ऑपरेशन की तारीख दी है। परिवार के मुताबिक, निजी अस्पताल में सर्जरी का खर्च अधिक होने के कारण वे सरकारी अस्पताल में ही ऑपरेशन कराने का इंतजार कर रहे हैं।

अतिरिक्त OT मिलने से कम हो सकती है Waiting List

सुशीला तिवारी अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज होता है और ईएनटी विभाग पर भी इसका दबाव दिखाई दे रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, विशेषज्ञों की उपलब्धता के बावजूद ऑपरेशन थिएटर और जरूरी संसाधनों की क्षमता बढ़ाने से सर्जरी की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

ऐसे में Additional OT, Modern Medical Equipment और Surgical Capacity बढ़ाना वेटिंग लिस्ट कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। फिलहाल मरीजों को राहत के लिए अस्पताल की सर्जिकल क्षमता बढ़ने और ऑपरेशन की तारीख जल्द मिलने का इंतजार है।