Gold from Mercury: अमेरिकी स्टार्टअप ने पारे से सोना बनाने का दावा किया, हर साल बनेगा 5000 किलो गोल्ड!

San Francisco के स्टार्टअप Marathon Fusion ने दावा किया है कि वो पारे से सोना बना सकता है। फ्यूजन रिएक्टर से हर साल 5000 किलोग्राम सोना बनने की बात कही गई है। जानिए इसके पीछे की साइंस और जोखिम।

Gold from Mercury Possible? अमेरिका के स्टार्टअप मैराथन फ्यूजन (Marathon Fusion) ने एक ऐसा दावा किया है, जिसे सुनकर विज्ञान और निवेश दोनों की दुनिया में हलचल मच गई है। कंपनी ने कहा है कि वह पारे (Mercury) को परमाणु संलयन (Nuclear Fusion) तकनीक से शुद्ध सोना (Gold) में बदल सकती है।

 कैसे बनता है पारा से सोना?

Marathon Fusion के वैज्ञानिकों के अनुसार, उनका फ्यूजन रिएक्टर न्यूट्रॉन कणों की मदद से पारा (Mercury-196) को पारा-197 में बदलता है, जो बाद में स्वतः सोना-197 (Gold-197) में परिवर्तित हो जाता है। यह प्रक्रिया रेडियोधर्मी विकिरण पर आधारित है और इसमें विशेष प्रकार के isotope reactions शामिल होते हैं।

 कितना सोना बनेगा?

स्टार्टअप का दावा है कि यदि उनके फ्यूजन संयंत्र को 1 गीगावाट तापीय ऊर्जा दी जाए, तो वह सालभर में करीब 5000 किलोग्राम सोना उत्पन्न कर सकता है। हालांकि यह सोना संयंत्र से byproduct के रूप में निकलेगा और ऊर्जा उत्पादन प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करेगा।

 क्या है इसमें खतरा?

हालांकि वैज्ञानिकों ने यह भी चेतावनी दी है कि:

इस प्रक्रिया में बना सोना आंशिक रूप से रेडियोधर्मी (radioactive gold) हो सकता है।

इसे 14 से 18 साल तक सुरक्षित रूप से संग्रहित करना होगा ताकि रेडिएशन खत्म हो सके।

इसमें अन्य पारा isotopes की मिलावट से और भी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।

 Nuclear Fusion बनाम Fission

परमाणु संलयन (Fusion) वह प्रक्रिया है जिसमें दो हल्के परमाणु नाभिक मिलकर एक भारी नाभिक बनाते हैं और अत्यधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है। यह प्रक्रिया सूर्य में स्वाभाविक रूप से होती है। इसके विपरीत, परमाणु विखंडन (Fission) में भारी नाभिक टूटकर छोटे नाभिक बनाता है — यही प्रक्रिया मौजूदा परमाणु संयंत्रों में उपयोग होती है।

 कितना निवेश हुआ है?

Marathon Fusion ने:

लगभग $6 मिलियन (60 लाख डॉलर) का निजी निवेश जुटाया है।

$4 मिलियन (40 लाख डॉलर) का सरकारी अनुदान (Federal Grant) भी प्राप्त किया है।

 क्या यह कमर्शियल रियलिटी बन सकेगा?

फिलहाल यह पूरी प्रक्रिया lab-scale पर है और commercial fusion reactor की तकनीक अभी विकास की अवस्था में है। जब तक संलयन संयंत्र व्यावसायिक स्तर पर शुरू नहीं होते, तब तक पारे से सोना बनाना एक रोमांचक लेकिन अधूरा सपना ही रहेगा।