Trump Tariff Shock: 126% duty on India's solar exports, what will be the impact?
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने गाजा में इजरायल के सैन्य हमलों का बचाव करते हुए कहा है कि गाजा में हो रहे हमले नरसंहार नहीं हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 7 अक्टूबर को इजरायल में एक बहुत ही क्रूर और बुरा हमला हुआ था, जिसमें हमास (Hamas) के आतंकवादियों ने तबाही मचा दी थी। इसी घटना के बाद गाजा में जारी संघर्ष शुरू हुआ।
ट्रंप ने मीडिया से पूछे गए सवाल के जवाब में कहा,
“क्या आप मानते हैं कि गाजा में जो हो रहा है वह नरसंहार है? मैं ऐसा नहीं सोचता। वे युद्ध के हालात में हैं।”
अमेरिका की मानवीय सहायता पर जोर
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका फिलिस्तीनी लोगों को भूखे मरने नहीं देगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि अमेरिकी सरकार राशन और जरूरी सहायता (Food and Aid) मुहैया कराएगी ताकि कोई भूख से न मरे। ट्रंप ने कहा,
“हम चाहते हैं कि लोगों को खाना मिले। इजरायल को भी सहायता प्रदान करनी चाहिए। हम नहीं चाहते कि कोई भूख के कारण मरे।”
यूरोपीय देशों की अपील: जल्द सीजफायर और फिलिस्तीन को मान्यता
इसी बीच, यूरोप के प्रमुख देश जैसे फ्रांस, ब्रिटेन, और जर्मनी ने इजरायल से आग्रह किया है कि वह जल्दी से जल्दी सीजफायर (Ceasefire) करे। इन देशों ने साथ ही फिलिस्तीन को मान्यता देने की बात भी कही है ताकि शांति प्रक्रिया को बढ़ावा मिले।
गाजा में गंभीर हालात: भुखमरी और मौतें बढ़ी
गाजा पट्टी में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। रविवार को यहां एक ही दिन में 92 लोगों की मौत हुई, जिनमें से 56 लोग सहायता के इंतजार में थे।
अरब मीडिया (Arab Media) के मुताबिक, गाजा में अब तक 175 लोग भूख और मदद की कमी के कारण मारे जा चुके हैं, जिनमें 93 बच्चे शामिल हैं। भूखमरी के कारण 6 मौतें हुई हैं। राशन और दवाइयों की किल्लत से फिलिस्तीनी जनता में बड़ी परेशानी है।
हमास का रुख अभी भी सख्त
हालांकि, गाजा में बिगड़ते हालात के बावजूद हमास (Hamas) अब तक हथियार डालने या युद्ध विराम का संकेत नहीं दे रहा है। इस कारण फिलहाल शांति के रास्ते मुश्किल दिखाई दे रहे हैं।