Delhi Blast: कौन है Dr Muzammil और कहां से आई 2,900 किलो explosives की खेप?

10 नवंबर को Red Fort Gate No. 1 के पास हुए घातक धमाके की जांच में NIA को बड़े सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी Dr Muzammil ने Rs 6.5 lakh में एक AK-47 खरीदी थी, जिसे बाद में सह-आरोपी आदिल के लॉकर से बरामद किया गया। एजेंसी इसे एक white-collar terror network बता रही है, जो कई राज्यों में फैलकर गुप्त रूप से काम कर रहा था।

Terror Network Hierarchy: हैंडलर्स, विदेशी कनेक्शन और तुर्की की यात्रा
जांच के अनुसार:

Muzammil को Mansoor नाम का हैंडलर निर्देश देता था।

Umar की रिपोर्टिंग Hashim को होती थी।

दोनों ही एक बड़े ऑपरेटिव Ibrahim के तहत काम कर रहे थे, जो पूरे नेटवर्क को कंट्रोल करता था।

वर्ष 2022 में, पाकिस्तान-स्थित Tehrik-e-Taliban (TTP) से जुड़े हैंडलर Okasa के निर्देश पर, Muzammil, Adil और Muzaffar तुर्की गए थे।

Turkey में उन्हें एक संपर्क से मिलना था, जो उन्हें Afghanistan ले जाने वाला था, लेकिन संपर्क ने एक सप्ताह बाद इनकार कर दिया और योजना रद्द हो गई।
Okasa से संपर्क Telegram ID के माध्यम से किया जा रहा था।

Radicalisation & Procurement: ऑनलाइन कट्टर सामग्री, Chemicals और Explosive Components

NIA के अनुसार:

Umar ऑनलाइन radical content, explosives से संबंधित videos और सामग्री देखता था।

उसने Nuh, Bhagirath Palace और Faridabad के NIT Market से कई chemical components खरीदे।

सुरक्षा कारणों से इनकी technical details सार्वजनिक नहीं की गईं।

एक महत्वपूर्ण घटना वह थी जब विश्वविद्यालय परिसर में पैसे को लेकर Umar और Muzammil के बीच जोरदार झगड़ा हुआ।
इसके बाद Umar ने अपनी red Eco car, जिसमें explosive सामग्री मौजूद थी, Muzammil को सौंप दी।इसके अलावा Umar ने एक deep freezer खरीदा था, जिसमें वह chemicals स्टोर करता था।
जांच एजेंसी के अनुसार, पूरा module कई स्थानों पर explosive सामग्री जमा कर simultaneous blasts की योजना बना रहा था।

NIA Custody: मुख्य आरोपी 10 दिन की रिमांड पर

पटियाला हाउस कोर्ट ने गुरुवार को चार आरोपियों—
Dr Muzammil Ganaie, Adeel Rather, Shaheen Shahid, और Maulvi Irfan Ahmed Wagay—को 10 दिन की NIA custody में भेज दिया।
ये चारों आरोपी पहले J&K Police द्वारा गिरफ्तार किए गए थे।
NIA ने बाद में इन्हें Srinagar में प्रोडक्शन ऑर्डर के आधार पर अपनी कस्टडी में लिया।
एजेंसी जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और यूपी की पुलिस यूनिट्स के साथ मिलकर जांच कर रही है।

The 10 November Blast: कार में धमाका, 15 की मौत

10 नवंबर 2025 को दिल्ली स्थित Red Fort Gate No. 1 के पास एक कार में रखे explosive device के फटने से 15 लोगों की मौत हो गई थी।
कार चला रहा Dr Umar un Nabi भी धमाके में मारा गया। बाद में पता चला कि उसने यह कार Amir Rashid Ali के नाम से खरीदी थी, जो फिलहाल हिरासत में है।
जांच में यह भी सामने आया कि Umar ने Jasir Bilal Wani (उर्फ Danish) को suicide bomber बनाने की कोशिश की थी।
हालांकि उसने इनकार किया, लेकिन Jaish-e-Mohammed से जुड़े operatives को तकनीकी सहायता देने के आरोप में वह गिरफ्तार किया गया।

2,900 kg Explosives Recovered: धमाके से एक दिन पहले मिला विशाल जखीरा
धमाके से ठीक एक दिन पहले, अधिकारियों ने फरीदाबाद स्थित Al-Falah University से 2,900 kg explosive materials बरामद किए थे।
इससे साबित हुआ कि यह module छात्रों और professionals के रूप में छिपकर काम कर रहा एक well-educated terror network था।

NIA’s Larger Investigation: फंडिंग से लेकर हैंडलर्स तक सभी पर निगाह
हमला होने के तुरंत बाद, गृह मंत्रालय ने मामले की जांच NIA को सौंप दी।
अब एजेंसी:

हर handler

recruiter

financier

facilitator

की पहचान कर रही है ताकि पूरे terror ecosystem को तोड़ा जा सके।
अधिकारियों ने कहा है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।