Delay in Air India crash report; one-year deadline likely to be missed due to incomplete engine inspection.
Ahmedabad Air India crash में जान गंवाने वाली महिला के पिता ने चौंकाने वाला दावा किया है। उनका आरोप है कि उनकी बेटी से Air India flight AI171 में सवार होने के लिए ₹1.1 लाख (1000 पाउंड) की मांग की गई थी। यह मामला सामने आते ही Home Ministry of India की ओर से भी स्पष्टीकरण आ गया है।
पिता का आरोप: “अगर पैसे नहीं दिए होते, तो बेटी आज जिंदा होती”
पीड़ित महिला के पिता मनीष ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनकी बेटी, 15 महीने का नाती और बेटी की सास 12 जून 2025 को AI171 फ्लाइट से लंदन जा रहे थे। फ्लाइट में चढ़ने से पहले immigration officer ने उन्हें रोका और कथित रूप से 1000 पाउंड की मांग की।
“मेरी बेटी के पास ब्रिटिश पासपोर्ट था, फिर भी उसे रोका गया। अगर पैसे लेकर जाने की इजाज़त न दी गई होती, तो वह उस फ्लाइट में सवार नहीं होती और आज जिंदा होती।” – मनीष, पीड़िता के पिता
MHA ने कहा: ‘सभी नियमों के तहत हुआ कार्रवाई’
MHA) ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि immigration rules के मुताबिक बच्चे के एग्जिट परमिट के लिए सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं।
MHA के अनुसार:
बच्चे रुद्र किशन मोधा का जन्म 22 अगस्त 2023 को नागपुर में हुआ था।
उसके पास British passport था, जो 10 अप्रैल 2024 को जारी हुआ था।
बच्चा भारत में 1 साल, 2 महीने और 2 दिन तक रुका था।
इमिग्रेशन नियमों के तहत, अगर कोई विदेशी नागरिक एक साल से ज्यादा भारत में रहता है, तो उसे:
$484 (₹41,410) का visa fee
और ₹50,000 का overstay penalty देना पड़ता है।
कुल मिलाकर ₹91,140 का भुगतान लिया गया, जो प्रक्रिया के अनुरूप था।
वीज़ा ओवरस्टे के लिए कितना जुर्माना?
इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के मुताबिक, वीज़ा अवधि से अधिक भारत में रुकने पर जुर्माने की दरें कुछ इस तरह हैं:
1–15 दिन: कोई जुर्माना नहीं
16–30 दिन: ₹10,000
31–90 दिन: ₹20,000
90 दिन से अधिक: ₹50,000
इस मामले में बच्चा 90 दिनों से ज्यादा भारत में रहा था, इसलिए अधिकतम जुर्माना लगाया गया।
हादसे की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि Air India की फ्लाइट AI171 12 जून को Ahmedabad Airport से उड़ान भरते समय crash हो गई थी। इस हादसे में कई यात्रियों की मौत हो गई, जिसमें मनीष की बेटी भी शामिल थी। घटना के बाद उठाए गए सवालों ने immigration system, visa penalties और transparency को लेकर नई बहस छेड़ दी है।