Omar Abdullah's big statement: Not every Kashmiri Muslim is a terrorist
Jammu-Kashmir Political Crisis में एक नया मोड़ आ गया है। AAP के इकलौते विधायक मेहराज मलिक ने Umar Abdullah की नेशनल कांफ्रेंस (NC) सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। उन्होंने इस फैसले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर दी और इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताया।
“NC सरकार नहीं कर रही जनता के हित में काम” – मेहराज मलिक
डोडा से विधायक मेहराज मलिक ने कहा कि वह अब NC सरकार के साथ नहीं खड़े रह सकते। उन्होंने लिखा:
“मैं, डोडा से विधायक मेहराज मलिक, सरकार गठबंधन में NC को दिया अपना समर्थन वापस लेता हूं। यह निर्णय जम्मू-कश्मीर के मेरे लोगों के सर्वोत्तम हित में लिया गया है, जिनका विश्वास और कल्याण हमेशा मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।”
“केजरीवाल ने 49 दिन में इस्तीफा दिया था, उमर अब्दुल्ला 9 महीने से कुछ नहीं कर सके”
मेहराज मलिक ने अपने एक अन्य पोस्ट में Arvind Kejriwal के 2013 के फैसले का हवाला देते हुए NC सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा:
“केजरीवाल जी ने 49 दिनों के बाद इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि वे लोगों की उस तरह से सेवा नहीं कर पा रहे थे जैसा वे चाहते थे। उमर अब्दुल्ला जी 9 महीने से ज्यादा समय से सत्ता में हैं, फिर भी उन्होंने कुछ नहीं किया है, इसलिए नहीं कि वे कर नहीं सकते, बल्कि इसलिए कि वे नहीं करेंगे। जन सेवा के लिए बहानों की नहीं, इरादों की जरूरत होती है।”
एक दिन पहले ही दिया था बड़ा फैसला लेने का संकेत
समर्थन वापसी से पहले मलिक ने एक संकेत भरी पोस्ट में लिखा था:
“अब बहुत हो गया, सरकार के 9 महीने। आने वाले दिनों में बड़ा फैसला लिया जाएगा। जवाबदेह होने का समय। कार्रवाई करने का समय।”
विवादों में भी घिरे रहे हैं मेहराज मलिक
बता दें कि पिछले महीने के अंत में मेहराज मलिक एक विवाद में भी फंसे थे। एक महिला डॉक्टर ने उनके खिलाफ मानहानि, धमकी और आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर FIR दर्ज कराई थी।
यह शिकायत एक मेडिकल कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा दर्ज कराई गई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक ने सोशल मीडिया के ज़रिए उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित और धमकाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह विवाद अब राजनीतिक घटनाक्रमों से भी जुड़ गया है।