Will the F-35 deal spark a new arms war in West Asia?
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर सवाल उठाए हैं, लेकिन जब उन्हीं से पूछा गया कि अमेरिका खुद रूस से क्या खरीदता है, तो वह सकपका गए और बोले- ‘मुझे इसकी जानकारी नहीं है।’
व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक पत्रकार ने ट्रंप से यह सीधा सवाल किया कि क्या अमेरिका भी रूस से उर्वरक (fertilizers) और रसायन (chemicals) खरीदता है, तो ट्रंप ने जवाब दिया – “मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। हमें इसकी जांच करनी होगी।”
भारत पर फिर उठाया सवाल
ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिए कि अमेरिका भारत पर लगाए गए 25% टैरिफ (Tariff on India) को और बढ़ाने पर विचार कर रहा है। उनका आरोप है कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है, जबकि पश्चिमी देश उस पर प्रतिबंध (sanctions) लगा रहे हैं। इस मुद्दे पर अमेरिका ने भारत पर जुर्माना (penalty) भी लगाया है।
भारत का जवाब: “दोहरा मापदंड बंद करें”
भारत ने ट्रंप की आलोचना को गैरवाजिब बताया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने साफ शब्दों में कहा कि भारत को टारगेट करना न केवल अनुचित है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के खिलाफ है।
मंत्रालय ने कहा कि “अमेरिका खुद रूस से यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड (uranium hexafluoride) अपने परमाणु संयंत्रों के लिए खरीदता है, पैलेडियम (palladium) अपने इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए मंगवाता है, साथ ही रसायन और उर्वरक भी आयात करता है।”
यूरोप और अमेरिका खुद कर रहे भारी व्यापार
भारत ने उदाहरण देते हुए कहा कि 2024 में यूरोपीय संघ (European Union) ने रूस से 67.5 अरब यूरो का व्यापार किया, जबकि 2023 में सेवाओं से जुड़े व्यापार में यह आंकड़ा 17.2 अरब यूरो तक पहुंच गया। भारत के मुताबिक यह व्यापार भारत-रूस ट्रेड से कई गुना अधिक है।
भारत का दो टूक कहना है:
“हम एक संप्रभु राष्ट्र हैं और अपने राष्ट्रीय हित और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा करना हमारा अधिकार है।”