Al-Falah University Scam: ED action reveals diversion of Rs 415 crore
Faridabad: Enforcement Directorate (ED) ने Al-Falah Group के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि ट्रस्ट ने 415 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि को family-linked कंपनियों में siphon किया और इसे निर्माण व कैटरिंग जैसे कॉन्ट्रैक्ट्स देकर गबन किया गया। ED ने यह कार्रवाई फर्जी मान्यता, forged documents और financial fraud की गंभीर शिकायतों के बाद की है।
ED ने खोजे कई Shell Companies और seized किए multiple digital devices
ED की टीम ने मंगलवार को चलाए गए बड़े सर्च ऑपरेशन में Faridabad और अन्य शहरों में 25 locations पर छापेमारी की।
जांच के दौरान:
48 लाख रुपये cash
कई digital devices
महत्वपूर्ण financial documents
और एक hidden hard disk (library में छिपी मिली)
को सीज़ किया गया। ED को पता चला कि कम से कम 9 shell entities सिद्दीकी के नियंत्रण में थीं जिनका कोई असली कारोबार नहीं था। इन्हें allegedly money diversion के लिए इस्तेमाल किया गया।
कैसे हुआ 415 Crore का alleged scam?
ANI के अनुसार, ED ने कोर्ट में बताया कि वित्त वर्ष 2018–19 से 2024–25 के बीच Al-Falah संस्थानों ने शिक्षा संबंधी receipts के रूप में लगभग ₹415.10 करोड़ जुटाए।
ED का आरोप है कि: यह रकम उस समय जुटाई गई जब यूनिवर्सिटी अपनी fake accreditation और statutory status को लेकर public को mislead कर रही थी। इस entire amount को proceeds of crime माना गया है। रकम cheating, forgery, और fabricated documents के ज़रिए ली गई—जो Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत गंभीर अपराध है। कोर्ट ने इसे “grave economic offence” बताते हुए कहा कि जांच अभी “nascent stage” में है और custodial interrogation ज़रूरी है ताकि:
diversion की पूरी chain का पता लगाया जा सके
tainted assets को बचाया जा सके
और संभावित evidence tampering रोकी जा सके
Fake Accreditation Scam: University ने कैसे mislead किया?
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की FIR के अनुसार:
Al-Falah University ने NAAC और UGC accreditation को लेकर misleading claims किए
छात्रों और अभिभावकों को गलत जानकारी देकर financial gain हासिल किया
हजारों छात्रों को भारी नुकसान हुआ
UGC ने साफ किया है कि यूनिवर्सिटी सिर्फ Section 2(f) के तहत State Private University के रूप में सूचीबद्ध है उसने Section 12(B) के तहत कभी आवेदन नहीं किया। इसलिए यह किसी भी प्रकार के grants के लिए eligible नहीं है
ED की कार्रवाई: White Collar Terror Module का हिस्सा?
ED ने इसे एक “white-collar terror module” बताते हुए कहा कि संस्था का अस्पताल वही जगह है जहां Red Fort car blast के bomber और अन्य accused काम करते थे।
इसी वजह से वित्तीय अपराध और सुरक्षा मॉड्यूल दोनों को जोड़कर जांच की जा रही है। जावेद सिद्दीकी 13 दिन की ED custody में जावेद सिद्दीकी को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने 13 दिन की ED custody में भेज दिया है। एजेंसी के मुताबिक: सिद्दीकी का ट्रस्ट, यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े बिज़नेस पर complete control था
उन्होंने ही allegedly funds divert करने की योजना बनाई
कई shell कंपनियों का निर्माण भी इसी उद्देश्य से किया गया