Medical Admissions Full Even After Red Fort Blast Link – What is the Reason?
दिल्ली के Red Fort blast (10 November) की जांच में Faridabad स्थित Al-Falah Medical College का नाम सामने आने के बावजूद, 13 नवंबर को कॉलेज में MBBS programme की 15 खाली सीटों के लिए आखिरी दौर की counselling होती रही। इस blast में कम से कम 12 लोगों की जान गई थी, और जांच एजेंसियों ने मेडिकल कॉलेज से जुड़े कई संदिग्ध कड़ियाँ सामने रखी हैं। इसके बावजूद, छात्र बड़ी संख्या में कॉलेज में admission लेने पहुंचे।
“एक घटना से कॉलेज की reputation तय नहीं होती”: Experts
PGIMS Rohtak के प्रोफेसर और Haryana State Medical Teachers Association (HSMTA) के वाइस-प्रेसिडेंट डॉ. विवेक सिंह मलिक का कहना है कि:“एक isolated incident से किसी कॉलेज की पूरी छवि पर फैसला नहीं लगाया जा सकता।”“Al-Falah भले private हो, लेकिन इसे NMC norms और अन्य regulatory standards का पालन करना ही होगा।” “Students इसलिए भी opt कर रहे हैं क्योंकि इसकी fees, दूसरे private medical colleges की तुलना में काफी कम है।” “कई छात्र सिर्फ इसलिए भी admission लेते हैं ताकि उनका एक साल खराब न हो।” डॉ. मलिक के अनुसार, जब तक सरकार कॉलेज को courses चलाने की अनुमति देती है, तब तक students को degree validity को लेकर चिंतित नहीं होना चाहिए।
क्या कॉलेज की affiliation रद्द हो सकती है?
एक वरिष्ठ NMC (National Medical Commission) अधिकारी ने कहा कि अभी affiliation वापस लेने पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। सरकार चाहे तो जरूरत पड़ने पर संस्था का takeover भी कर सकती है। “हमारी प्राथमिकता है कि पहले से enrolled students की education को नुकसान न पहुंचे।” अंतिम फैसला state authorities से चर्चा कर ही लिया जाएगा। अर्थात, immediate closure या derecognition जैसी स्थिति फिलहाल संभावित नहीं मानी जा रही।
Terror Module से जुड़े 4 Doctors हुए NMC register से हटाए गए
14 नवंबर को NMC ने चार doctors के नाम अपने medical register से हटा दिए। ये सभी Red Fort blast से जुड़े alleged terror module का हिस्सा बताए गए थे:
मुजफ्फर अहमद
अदील अहमद राथर
मुजम्मिल अहमद गनई
शाहीन शाहिद
इन doctors को UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत गिरफ्तार किया गया है, और अब ये मेडिकल प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे।
University का Defence: “हमारा कोई संबंध नहीं”
12 नवंबर को Al-Falah University की Vice-Chancellor भूपिंदर कौर ने कहा कि:
गिरफ्तार किए गए डॉक्टर सिर्फ “official capacity” में काम कर रहे थे
संस्था का उनके alleged terror links से कोई संबंध नहीं है
अब वित्तीय अनियमितताओं पर भी जांच
Al-Falah University पर अब केवल ‘terror module link’ ही नहीं, बल्कि कई financial irregularities के गंभीर आरोप भी जांच में हैं।
Enforcement Directorate (ED) ने मंगलवार को Al-Falah Group के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया।
आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने खुद को NAAC-accredited और UGC Act की Section 12(B) के तहत eligible दिखाकर छात्रों को mislead किया।
Association of Indian Universities (AIU) पहले ही विश्वविद्यालय की membership रद्द कर चुका है।
ED के अनुसार, संस्थान के infrastructure का misuse हुआ और करोड़ों रुपये की financial discrepancies सामने आई हैं।