अनिरुद्धाचार्य और प्रेमानंद के बाद ऋतंभरा भी विवादों में, जानिए क्या कहा
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य और प्रेमानंद जी महाराज के बाद अब साध्वी ऋतंभरा (Sadhvi Ritambhara) का नाम भी उन धर्मगुरुओं की सूची में जुड़ गया है, जिनके बयानों पर भारी विवाद खड़ा हो गया है। साध्वी ऋतंभरा ने एक धार्मिक प्रवचन के दौरान हिंदू लड़कियों के पहनावे, सोशल मीडिया एक्टिविटी और Reels बनाने की आदतों पर तीखी टिप्पणी की। उनका यह बयान viral video के रूप में इंटरनेट पर फैल गया है और कई जगहों पर इसकी कड़ी आलोचना हो रही है।
क्या कहा साध्वी ऋतंभरा ने?
साध्वी ने मंच से कहा:
“शर्म आती है ये देखकर कि लड़कियाँ नग्न होकर पैसे कमाने की कोशिश कर रही हैं। गंदे ठुमके, अश्लील गाने और सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ — क्या यही है हमारा संस्कृति? उनके पिता और पति ये कैसे बर्दाश्त कर लेते हैं?”
उन्होंने कहा कि इस तरह की “गंदी कमाई” से घर में पैसा आने पर पितृलोक में कष्ट होता है। साथ ही उन्होंने लड़कियों को संबोधित करते हुए कहा कि—
“भारत की देवियों, आपका जीवन मर्यादित होना चाहिए। बुरा मत मानना… तुम चाहो तो राक्षसों के घर में भी देवता पैदा कर सकती हो। तुमने प्रह्लाद को हिरण्यकश्यप के घर जन्म दिया, लेकिन अगर तुम चाहो तो रावण जैसे भी पैदा हो सकते हैं।”
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
साध्वी ऋतंभरा का यह बयान वीडियो क्लिप के रूप में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। लोगों ने इसे misogynistic, regressive और youth-shaming बताया है। यह पहली बार नहीं है जब किसी धर्मगुरु के बयान ने इस तरह का विवाद खड़ा किया हो।
पहले भी आए हैं ऐसे बयान: प्रेमानंद और अनिरुद्धाचार्य पर नजर
प्रेमानंद जी महाराज का विवादित कथन
Premanand Ji Maharaj, जो वृंदावन में प्रसिद्ध कथावाचक हैं, उन्होंने भी हाल ही में युवा पीढ़ी के पहनावे और चरित्र पर सवाल उठाते हुए कहा था:
“आजकल लड़कियों और लड़कों का चरित्र पवित्र नहीं रहा। ब्रेकअप के बाद नए रिश्ते, फिर नए ब्रेकअप — ये सब विवाह संस्था को कमजोर कर रहे हैं।”
उन्होंने खानपान और संबंधों की तुलना करते हुए कहा:
“अगर हमें चार होटल का खाना खाने की आदत पड़ जाए, तो घर का खाना अच्छा नहीं लगेगा। वैसे ही जब किसी को कई पार्टनर की आदत पड़ जाए, तो वह एक पति या पत्नी को स्वीकार नहीं कर पाएगा।”
अनिरुद्धाचार्य की टिप्पणी और माफी
Aniruddhacharya Ji, एक और चर्चित कथावाचक, ने महिलाओं की उम्र को लेकर एक आपत्तिजनक बयान दे दिया था, जो कि बाद में viral video बन गया। इस पर भारी विरोध हुआ और उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। उन्होंने सफाई दी कि:
“मेरे शब्दों का उद्देश्य महिलाओं का अपमान करना नहीं था। मेरा बयान सिर्फ उन महिलाओं के लिए था जो अपने पति को छोड़कर परायों से संबंध रखती हैं।”
क्यों उठ रहे हैं सवाल?
तीनों धर्मगुरुओं के बयानों में एक समानता है — युवा पीढ़ी, खासकर लड़कियों, के पहनावे और lifestyle पर सवाल। लेकिन इन बयानों को लेकर एक बड़ा वर्ग मानता है कि ये कथन gender biased, moral policing और modern women की आजादी पर हमला हैं।
Social Impact
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YouTube, Twitter (X), और Instagram पर लाखों व्यूज़ और री-शेयर के साथ इन बयानों को लेकर social backlash तेज हो गया है।
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कई users ने इन्हें “outdated mindset” और “patriarchal narrative” कहा।
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Women rights activists ने इन बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे कथन ladies empowerment की राह में रुकावट बनते हैं।