अगले Vice President को संसद में किन बातों से रहना होगा सतर्क? TMC सांसद ने दी 8 बड़ी सलाह

Vice President of India Election 2025: जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद भारत के Vice President का पद खाली है। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है, जिसे जल्द ही भरा जाएगा। Election Commission of India ने इस पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी बीच TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने एक राष्ट्रीय अखबार में लेख लिखकर भारत के अगले उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति को 8 अहम सुझाव दिए हैं, जो संसद की कार्यप्रणाली को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

1. Opposition की Notice पर ध्यान दें

डेरेक ओ’ब्रायन के मुताबिक, विपक्ष की ओर से Rule 267 के तहत जो notice संसद में दिए जाते हैं, उन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वर्ष 2009 से 2016 के बीच 110 नोटिस स्वीकार किए गए, लेकिन 2017 से 2024 के बीच केवल 36 नोटिस ही मान्य हुए। Parliamentary Discussion में विपक्ष की भागीदारी लोकतंत्र के लिए ज़रूरी है।

2. Mass Suspension पर लगाम लगे

2023 में संसद इतिहास का सबसे बड़ा MP Suspension देखने को मिला जब 146 सांसदों को एक साथ निलंबित कर दिया गया। जबकि UPA I और II के दौरान केवल 50 सांसदों को निलंबित किया गया था। यह दर्शाता है कि विरोध के स्वर को दबाने की प्रवृत्ति बढ़ी है।

3. Deputy Chairman के चयन में अनुभव को प्राथमिकता मिले

राज्यसभा अध्यक्ष को 6 सांसदों को Deputy Chairman Panel में नामित करने का अधिकार है। लेकिन हाल के वर्षों में यह संख्या 30 तक पहुंच गई है, जिससे इस प्रक्रिया की गंभीरता कम हुई है। ओ’ब्रायन का कहना है कि इस पद के लिए अनुभवी सांसदों का चयन और संबंधित पार्टियों से अनौपचारिक सहमति आवश्यक है।

4. Opposition Protest को TV Coverage से न हटाएं

डेरेक का आरोप है कि Sansad TV पर सरकार पक्ष की गतिविधियों को दिखाया जाता है, लेकिन विपक्ष के विरोध प्रदर्शन सेंसर कर दिए जाते हैं। इससे जनता तक सच्ची तस्वीर नहीं पहुंच पाती और यह Transparency और Democratic Values के खिलाफ है।

5. Bills को Parliamentary Committees को भेजा जाए

14वीं लोकसभा में 60% और 15वीं लोकसभा में 70% बिल Standing Committees को भेजे गए थे। लेकिन 16वीं और 17वीं लोकसभा में यह आंकड़ा गिरकर 30% और 20% रह गया। विशेषज्ञों और Stakeholders की राय के बिना कानून की गुणवत्ता पर असर पड़ता है।

6. MPs को Amendment और Voting Rights से वंचित न करें

हर सांसद को यह अधिकार है कि वह किसी बिल में संशोधन प्रस्ताव रखे और Division of Vote की मांग करे। हाल के वर्षों में विशेषकर कृषि कानूनों के दौरान सांसदों को इस संवैधानिक अधिकार से वंचित किया गया।

7. Point of Order को Ignore न करें

यदि संसद में नियमों का उल्लंघन हो रहा हो, तो सांसद ‘Point of Order’ उठा सकते हैं। यह एक वैध Parliamentary Mechanism है जिसे अध्यक्ष द्वारा अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। यह लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

8. Birthday Wishes की परंपरा पर पुनर्विचार

हाल के वर्षों में राज्यसभा में सांसदों को जन्मदिन की बधाई देने की परंपरा शुरू हुई है। यदि 200 सांसदों को 2 मिनट दिए जाएं तो पूरे साल में 400 मिनट से ज्यादा समय सिर्फ शुभकामनाओं में खर्च हो जाता है, जिसे National Issues की चर्चा में उपयोग किया जा सकता है।

Vice President of India की भूमिका केवल औपचारिक नहीं होती, बल्कि वह राज्यसभा के संचालन में अहम होती है। TMC सांसद की ये 8 सलाह इस बात की ओर इशारा करती हैं कि नया उपराष्ट्रपति अगर चाहे तो संसद की कार्यशैली में बड़ा सुधार ला सकता है।