Raksha Bandhan 2024: Rahukaal, Bhadra and auspicious time – when to tie Rakhi?
रक्षाबंधन का पावन त्योहार हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष भी यह त्योहार विशेष धार्मिक नियमों के अनुसार मनाया जाएगा।
रक्षा बंधन की तिथि और पूर्णिमा
काशी के पंचांग के अनुसार, श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 1:40 बजे प्रारंभ होकर 9 अगस्त को दोपहर 1:24 बजे समाप्त होगी। इस कारण रक्षा बंधन 9 अगस्त को मनाया जाएगा।
भद्रा और उसका प्रभाव
इस वर्ष भद्रा 8 अगस्त की रात 1:31 बजे समाप्त हो रही है, इसलिए रक्षा बंधन के दिन भद्रा बाधक नहीं रहेगा। भद्रा को धार्मिक मान्यताओं में अशुभ माना जाता है, क्योंकि कहा जाता है कि भद्रा का संबंध रावण की बहन से है, जिन्होंने रावण को राखी बांधी थी। इसलिए भद्रा के समय राखी बांधना टाला जाता है।
राहुकाल कब है और क्यों बचना चाहिए?
राहुकाल एक विशेष समय होता है जब राहु ग्रह की नकारात्मक ऊर्जा प्रभावी होती है। इस समय कोई शुभ कार्य न करने की सलाह दी जाती है।
इस वर्ष रक्षा बंधन के दिन राहुकाल सुबह 9:07 बजे से 10:47 बजे तक रहेगा। इसलिए इस समय के दौरान राखी बांधने से बचना चाहिए।
पंचक और इसका प्रभाव
रक्षा बंधन के अगले दिन यानी 10 अगस्त को पंचक लग रहे हैं। पंचक को भी अशुभ माना जाता है, खासकर जब यह रोग पंचक हो। इस समय भी कोई शुभ कार्य करना टाला जाता है।
रक्षा बंधन पर शुभ योग और नक्षत्र
इस बार रक्षा बंधन के दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जैसे:
सौभाग्य योग
सर्वार्थ सिद्ध योग
श्रवण नक्षत्र
चंद्रमा मकर राशि में होगा
ये योग रक्षा बंधन के शुभ महत्व को और भी बढ़ा देते हैं।
राखी बांधने का सही समय
पूर्णिमा तिथि के दौरान 9 अगस्त को राखी बांधना शुभ रहेगा।
राहुकाल (9:07 से 10:47 बजे तक) और भद्रा के समय राखी न बांधें।
बहनें इस दिन अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख, सौभाग्य और स्वास्थ्य की कामना करती हैं।
इस वर्ष रक्षा बंधन 9 अगस्त को मनाया जाएगा। राहुकाल और भद्रा के समय से बचते हुए राखी बांधना शुभ माना जाता है। इस पावन पर्व पर शुभ योग और नक्षत्र भी हैं, जो भाई-बहन के प्यार और रिश्ते को और मजबूत करेंगे।