61 candidates, only 6 wins – what factors are responsible for Congress's biggest defeat?
लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Rahul Gandhi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर एक नया वीडियो जारी कर Vote Chori (वोट चोरी) के आरोपों को और मजबूती से दोहराया है। उन्होंने Election Commission (EC) और ruling पार्टी BJP के बीच मिलीभगत की बात कही है।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर देशद्रोह (sedition) का भी आरोप लगाया है और अपने दावों का समर्थन करने के लिए उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक जैसे राज्यों के उदाहरण दिए। उन्होंने दावा किया कि इन राज्यों में नए मतदाताओं को “जादू” की तरह बनाया गया।
‘Vote Chori’ केवल चुनावी मामला नहीं, संविधान और लोकतंत्र पर हमला: राहुल गांधी
राहुल ने सोशल मीडिया पर लिखा,
“Vote Chori सिर्फ़ एक चुनावी घोटाला नहीं, यह हमारे संविधान और लोकतंत्र के साथ किया गया बड़ा धोखा है। देश के गुनहगार सुन लें – वक्त बदलेगा, सजा जरूर मिलेगी।”
100 से अधिक सीटों पर हुई वोट चोरी का आरोप
राहुल गांधी ने बताया कि चुनाव लड़ने के 20 वर्षों के अनुभव के आधार पर उन्होंने 100 से ज्यादा लोकसभा सीटों पर voter fraud की पहचान की है। उनका कहना है कि अगर चुनाव निष्पक्ष होते तो वर्तमान सरकार संभवतः सत्ता में नहीं होती।
वोट चोरी के 5 प्रकार: राहुल का नया खुलासा
राहुल गांधी ने पांच प्रमुख तरीकों से वोट चोरी की बात कही है:
Duplicate Voters (डुप्लिकेट वोटर)
Incorrect Addresses (गलत पता)
एक ही घर में असंभव संख्या में मतदाता
Voter List में गलत या छोटे फोटो, जिससे पहचान मुश्किल हो
Form 6 का दुरुपयोग, जो नए मतदाताओं के लिए होता है, लेकिन इसे 90 साल के बुजुर्ग भी उपयोग कर रहे हैं
बिहार विधानसभा चुनावों में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण पर निशाना
राहुल ने बिहार में अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए हो रहे Special Intensive Revision (SIR) का जिक्र करते हुए कहा,
“यह पूरी प्रक्रिया संस्थागत चोरी है। चुनाव आयोग जानबूझकर वोटर सूचियों में बदलाव कर भाजपा की मदद कर रहा है।”
चुनाव आयोग का जवाब और राहुल का पलटवार
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से गुरुवार को शपथ पत्र के माध्यम से आरोपों के सबूत मांगे। इस पर राहुल ने जवाब दिया,
“मेरे शब्द ही मेरी शपथ हैं। मैंने जो कुछ कहा है, वह सब सार्वजनिक है और चुनाव आयोग के अपने आंकड़ों पर आधारित है।”
राहुल गांधी के ये आरोप आगामी विधानसभा चुनावों के बीच राजनीतिक माहौल को गरमाने वाले हैं। Election Commission, voter fraud, और democratic process पर उठे सवाल भारतीय लोकतंत्र में गहरी बहस को जन्म दे रहे हैं।