Delhi Rain 2025: मिंटो ब्रिज सूखा, पर बराखंभा-गेट डूबे, सच्चाई क्या है?

Delhi Monsoon 2025: दिल्ली की बारिश और Minto Bridge Flooding का रिश्ता सालों पुराना है। लेकिन इस बार कुछ अलग देखने को मिला। जहां हर साल थोड़ी बारिश में यह अंडरपास बसों और बाइक सवारों के डूबने का गवाह बनता था, वहीं इस साल PWD Minister Pravesh Verma ने खुद मौके पर जाकर एक सेल्फी वीडियो शेयर किया और कहा – “अब दिल्ली बदली है।”

 मंत्री का दावा: ‘मिंटो ब्रिज में पानी नहीं, बस ट्रैफिक है!’

बुधवार को जब राजधानी दिल्ली में करीब 1 घंटे की तेज बारिश हुई, तब PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने खुद Minto Bridge Underpass का दौरा किया। उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा:

“हर साल यहां बसें डूबती थीं, लेकिन आज देखिए, एक घंटे की बारिश के बाद भी यहां ट्रैफिक स्मूद है, जलभराव नहीं है।”

PWD ने इस बार विशेष तैयारी की थी:

नालों की समय पर सफाई

Stormwater drainage का सुधार

High-capacity water pumps की तैनाती

 बाकी इलाकों का भी दावा
प्रेमबाड़ी अंडरपास, साकेत मेट्रो स्टेशन, रिंग रोड और मैक्स हॉस्पिटल के पास के इलाकों में भी PWD ने जलभराव न होने की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। सरकार का दावा है कि इस बार waterlogging control measures ने असर दिखाया है।

 लेकिन क्या पूरे दिल्ली में यही हाल है?

जहां एक तरफ मिंटो ब्रिज और ITO जैसे Sensitive Flood Points पर बेहतर हालात रहे, वहीं दूसरी ओर कई Central Delhi और पुरानी दिल्ली के इलाकों में Heavy Waterlogging की तस्वीरें सामने आईं:

बराखंभा रोड, अजमेरी गेट, दरियागंज में गाड़ियों की लंबी कतारें

जगह-जगह पानी जमा होने से ट्रैफिक प्रभावित

कुछ इलाकों में पैदल चलना भी मुश्किल

 विपक्ष ने लिया निशाना

AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने एक्स (Twitter) पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा:

“लुटियंस दिल्ली में PWD मंत्री के घर के पास ही जलभराव है। सिर्फ एक घंटे की बारिश के बाद ये हाल है।”

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या PWD सिर्फ विजुअल मैनेजमेंट कर रही है या जमीनी सच्चाई भी बदली है?