Panchayat चुनाव में रामबाग का लोकतांत्रिक प्रयोग, पूरे देश के लिए मिसाल!

Panchayat Election 2025 से पहले उत्तराखंड के एक छोटे से गांव रामबाग ने लोकतंत्र को नया आयाम दे दिया है। यहां गांव के लोगों ने खुद बैलट पेपर छपवाकर, घर-घर मतदान कराकर, सामूहिक जनमत से अपने लिए एकमात्र उम्मीदवार तय किया — जिससे अब वहां निर्विरोध ग्राम प्रधान चुना जाना लगभग तय है।

शिक्षक की पहल, लोकतंत्र की मिसाल

गदरपुर तहसील के रामबाग गांव में यह अनोखी पहल स्थानीय शिक्षक नित्यानंद मंडल की अगुवाई में हुई। गांव में प्रधान पद के लिए दो प्रमुख दावेदार थे। लेकिन गांव के विकास के लिए वोटों का बंटवारा नहीं हो, इसलिए तय हुआ कि एक ही व्यक्ति को पूरे गांव की सहमति से मैदान में उतारा जाए।

 खुद छपवाए बैलट पेपर, बनाई 10 सदस्यीय चुनाव टीम

ग्रामीणों ने अपने खर्चे पर बैलट पेपर छपवाए

10 लोगों की Election Team गठित की गई

हर घर जाकर परिवार के मुखिया से मत डलवाया गया

मतपेटी को सील कर तालाब में चाबी फेंकी गई

फिर पेटी को गांव के मंदिर में सुरक्षित रखा गया

 मतगणना से हुआ स्पष्ट जनमत

नामांकन के दिन:

मतपेटी खोली गई

एक उम्मीदवार को 119 वोट, दूसरे को 243 वोट मिले

ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार को ही गांव की ओर से चुनाव लड़ाने का सामूहिक निर्णय लिया गया

दूसरे उम्मीदवार ने भी जनमत का सम्मान करते हुए समर्थन दे दिया

 पूरे गांव ने गाजे-बाजे के साथ कराया नामांकन

जनमत तय होने के बाद पूरा गांव विजयी उम्मीदवार के साथ गदरपुर ब्लॉक पहुंचा, जहां उन्होंने एकता और समर्थन का शानदार उदाहरण पेश करते हुए उसका नामांकन करवाया।

अब यह उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित होना लगभग तय है।