Delhi Illegal Migrants: Bangladeshi intruders were hiding in Bawana, were living there with their families for 5 years; Big action by Delhi Police
दिल्ली में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ चल रहे सघन अभियान के तहत Delhi Police को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। बवाना क्षेत्र की झुग्गियों में छिपकर रह रहे एक बांग्लादेशी परिवार के 6 सदस्य, जिनमें चार बच्चे शामिल हैं, को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। ये लोग पिछले 5 वर्षों से बिना किसी वैध दस्तावेज के देश की राजधानी में रह रहे थे।
कैसे पकड़े गए Bangladeshi Infiltrators?
पुलिस को खुफिया इनपुट मिला था कि कुछ संदिग्ध विदेशी नागरिक बवाना की झुग्गियों में छिपकर रह रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने छापा मारा और साहिदुल हुसैन (45) और उसकी पत्नी पारुल बेगम (35) को उनके बच्चों के साथ हिरासत में लिया।
शुरुआत में दंपती ने खुद को भारतीय नागरिक बताया, लेकिन जब उनसे पहचान पत्र मांगे गए तो वे कोई वैध डॉक्यूमेंट नहीं दिखा सके। जब उनके सामान की तलाशी ली गई तो बांग्लादेशी पहचान पत्र मिलने के बाद उन्होंने बांग्लादेशी नागरिक होने की बात स्वीकार कर ली।
किस रास्ते से आए थे भारत?
साहिदुल ने पुलिस को बताया कि वह 2019 में पश्चिम बंगाल बॉर्डर से अवैध रूप से भारत में घुसा था। उसका परिवार बांग्लादेश के कुरीग्राम जिले के कामलारकुटी गांव का रहने वाला है। वे बिना बाड़ वाले क्षेत्रों से बालाहाट बॉर्डर पार कर भारत आए और दिनहाटा स्टेशन से ट्रेन पकड़कर दिल्ली पहुंचे।
NCR में ईंट-भट्ठों पर करते थे मजदूरी
दिल्ली आने के बाद साहिदुल ने परिवार समेत हरियाणा के खरखौदा क्षेत्र के ईंट भट्टों पर काम करना शुरू किया, जहां से कुछ समय बाद वे बवाना चले आए। वे असंगठित मजदूर वर्ग में शामिल होकर स्थानीय लोगों के बीच खुद को छुपाए हुए थे। पुलिस का कहना है कि इनका उद्देश्य लंबे समय तक गुप्त रूप से NCR में रहना और काम करना था।
पुलिस कार्रवाई और डिपोर्टेशन की तैयारी
Delhi Police ने अवैध रूप से रह रहे इस परिवार के खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। अब इन सभी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद बांग्लादेश वापस भेजने की तैयारी की जा रही है।
Delhi Illegal Immigration पर Delhi Police सख्त
दिल्ली में Illegal Immigration in NCR अब एक गंभीर सुरक्षा मुद्दा बनता जा रहा है। ऐसे में दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई न केवल सुरक्षा के लिहाज से अहम है, बल्कि यह संकेत देती है कि भारत में अवैध रूप से घुसपैठ कर रह रहे नागरिकों के खिलाफ अब Zero Tolerance Policy अपनाई जा रही है।