The issue of minorities was raised during the India-Netherlands meeting, and India countered with facts.
भारत ने देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech) और अल्पसंख्यकों के अधिकारों (Minority Rights) को लेकर उठाए गए सवालों को पूरी तरह खारिज करते हुए नीदरलैंड को करारा जवाब दिया है। भारत ने साफ कहा कि दुनिया में शायद ही कोई दूसरा देश होगा जहां इतनी विविधता के बावजूद सभी समुदाय शांति और सम्मान के साथ रहते हों।
यह बयान उस समय सामने आया जब डच पत्रकारों ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री Rob Jetten के कथित बयानों का हवाला देते हुए भारत में मीडिया की आजादी और अल्पसंख्यकों की स्थिति पर सवाल उठाए।
विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) Sibi George ने एम्स्टर्डम में मीडिया से बातचीत के दौरान इन आरोपों को तथ्यों से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत 1.4 अरब लोगों का लोकतांत्रिक देश है, जहां हजारों वर्षों से विविधता और सह-अस्तित्व की परंपरा रही है।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है और यहां हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्म का उदय हुआ। इतना ही नहीं, दुनिया के कई अन्य धर्मों और समुदायों को भी भारत ने शरण और सम्मान दिया।
‘भारत में हर समुदाय सुरक्षित’
सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत उन गिने-चुने देशों में शामिल है जहां यहूदी समुदाय को कभी उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि भारत की यही सबसे बड़ी खूबसूरती है कि यहां हर धर्म और हर समुदाय के लोग अमन और सम्मान के साथ रहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आजादी के समय भारत में अल्पसंख्यकों की आबादी लगभग 11 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 20 प्रतिशत से ज्यादा हो चुकी है। उनके मुताबिक यह इस बात का प्रमाण है कि भारत में सभी समुदायों को बराबरी और सुरक्षा का माहौल मिला है।
लोकतंत्र और विकास का मॉडल बना भारत
भारतीय अधिकारी ने कहा कि भारत ने लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखते हुए गरीबी से लड़ाई लड़ी और आर्थिक विकास हासिल किया। उन्होंने कहा कि देश में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव और सत्ता परिवर्तन होते हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की मजबूती को दिखाता है।
हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक Vibrant Democracy है, जहां जनता अपने वोट से सरकार बदलती है।
PM Modi के Netherlands दौरे पर मजबूत हुए रिश्ते
Narendra Modi हाल ही में दो दिवसीय दौरे पर नीदरलैंड पहुंचे थे। इस दौरान उनकी मुलाकात डच प्रधानमंत्री Rob Jetten से हुई।
दोनों देशों ने अपने संबंधों को Strategic Partnership के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया। साथ ही कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए अहम समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए गए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत, नीदरलैंड को अपने महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक मानता है और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक तथा मजबूत संबंध रहे हैं।