Violence during labour strike in Dehradun, 20 arrested; FIR against over 600
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ श्रमिक आंदोलन हिंसक हो गया। सेलाकुई और ट्रांसपोर्ट नगर इंडस्ट्रियल एरिया में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर पथराव, तोड़फोड़ और कानून व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 600 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
पुलिस के मुताबिक, विंडलास कंपनी और अन्य औद्योगिक इकाइयों के बाहर प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। आरोप है कि प्रदर्शन की आड़ में फैक्ट्री परिसर में तोड़फोड़ की गई और पुलिस टीम पर भी पथराव हुआ। इसके बाद पुलिस ने कई टीमों के साथ कार्रवाई शुरू की।
किन कंपनियों की शिकायत पर हुआ ऐक्शन?
ग्लोबल मेडिकिट लिमिटेड और लाइटेनियम टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई थी। कंपनी प्रबंधन का आरोप है कि कुछ लोग संगठित तरीके से श्रमिकों को भड़का रहे थे और ड्यूटी पर जा रहे कर्मचारियों को रोकने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस का कहना है कि उपद्रव के दौरान इंडस्ट्रियल एरिया में तनाव की स्थिति बन गई थी, जिसके बाद हालात नियंत्रित करने के लिए बल तैनात करना पड़ा।
उत्तराखंड और यूपी के कई जिलों से जुड़े आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के लोग शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार लोगों में रिजवान, विकास, रोहित, कैफ, फरदीन, समीर, अभिषेक गुप्ता, मोहम्मद कैफ, सुजान, हाशिम समेत कई नाम शामिल हैं।
इसके अलावा शाहजहांपुर, सहारनपुर, बरेली, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत और उत्तरकाशी के कुछ लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।
कर्मचारियों की क्या थीं मांगें?
रविवार सुबह करीब 250 कर्मचारी कंपनी के बाहर इकट्ठा हुए और Salary Hike समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना था कि लंबे समय से वेतन नहीं बढ़ाया गया है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने महिलाओं के लिए बस सुविधा, बेहतर कैंटीन, अतिरिक्त छुट्टी, कार्यस्थल पर CCTV कैमरे और ओवरटाइम भुगतान जैसी मांगें भी उठाईं।
कर्मचारी नेता दिनेश लाल ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करता है और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
मजदूर आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ने भी इस Workers Protest को समर्थन दिया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों को उचित वेतन और बेहतर कामकाजी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
सिडकुल और सेलाकुई में धारा 163 लागू
बढ़ते तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए सेलाकुई और सिडकुल इंडस्ट्रियल एरिया में BNSS की धारा 163 लागू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।
डीएम सविन बंसल के निर्देश पर एडीएम प्रशासन कृष्ण कुमार मिश्रा ने इस संबंध में आदेश जारी किया।
बातचीत के बाद कुछ मांगों पर बनी सहमति
मोहब्बेवाला स्थित विंडलास बायोटेक लिमिटेड में प्रदर्शन के बाद श्रम विभाग और पुलिस अधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच वार्ता कराई।
बैठक में ओवरटाइम भुगतान, महिलाओं की सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट सुविधा जैसी कुछ मांगों पर कंपनी प्रबंधन ने सहमति जता दी है। अधिकारियों का कहना है कि बाकी मुद्दों पर भी बातचीत जारी रहेगी।