देहरादून के पॉश इलाके में विवाद, Hindu Employees के उत्पीड़न के आरोप

देहरादून के पॉश इलाके राजपुर रोड स्थित एक नामी Shoe Showroom में हुए विवाद ने शहर में चर्चा तेज कर दी है। Bajrang Dal कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हंगामे का वीडियो सोशल Media पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल क्लिप में कुछ कर्मचारियों की नेम प्लेट पर कथित तौर पर ‘जिहादी’ लिखे जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

बताया जा रहा है कि यह विवाद कर्मचारी उत्पीड़न और कथित वसूली के आरोपों से शुरू हुआ था, जिसने बाद में बड़ा रूप ले लिया।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

जानकारी के मुताबिक Bajrang Dal के प्रांत मिलन प्रमुख विकास वर्मा अपने समर्थकों के साथ राजपुर रोड स्थित Shoe Store पहुंचे थे। संगठन का आरोप था कि शोरूम में काम करने वाले कर्मचारी विपिन सिंह के साथ कथित तौर पर उत्पीड़न किया जा रहा था।

विपिन सिंह ने दावा किया कि स्टोर प्रबंधन ने उस पर जूतों की कमी का आरोप लगाकर आर्थिक दबाव बनाया। इसी शिकायत को लेकर Bajrang Dal कार्यकर्ता शोरूम पहुंचे और स्टोर मैनेजर व अन्य कर्मचारियों से जवाब मांगा।

‘जिहादी’ लिखने का आरोप क्यों लगा?

विवाद उस समय और बढ़ गया जब कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शोरूम में कुछ कर्मचारियों की नेम प्लेट पर नाम नहीं लिखे गए थे, जबकि अन्य कर्मचारियों की नेम प्लेट पर नाम मौजूद थे।

कार्यकर्ताओं का कहना था कि विशेष समुदाय से जुड़े कर्मचारियों के नाम जानबूझकर छिपाए गए। जब इस पर स्टोर स्टाफ स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया तो माहौल गरमा गया। आरोप है कि इसी दौरान कुछ खाली नेम प्लेटों पर मार्कर से ‘जिहादी’ लिख दिया गया।

इस घटना का वीडियो सोशल Media पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला और चर्चा में आ गया।

कर्मचारी विपिन सिंह ने क्या आरोप लगाए?

विपिन सिंह के अनुसार वह वर्ष 2010 से शोरूम में Customer Dealer के तौर पर काम कर रहा है। कुछ समय पहले Stock Checking के दौरान दो जोड़ी जूते कम पाए गए थे, जिनकी कीमत करीब 12,500 रुपये बताई गई।

विपिन का आरोप है कि इसी मामले को लेकर लगातार उस पर दबाव बनाया जा रहा था और उससे पैसे वसूले गए। Bajrang Dal का दावा है कि कर्मचारी ने संगठन से मदद मांगी थी।

विकास वर्मा ने वायरल वीडियो पर क्या कहा?

Bajrang Dal नेता विकास वर्मा ने कहा कि वायरल वीडियो को एडिट कर अधूरा हिस्सा दिखाया गया है। उनका दावा है कि पूरा मामला Hindu कर्मचारियों के साथ कथित भेदभाव और उत्पीड़न से जुड़ा था।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस मैनेजर पर कर्मचारियों से पैसे लेने और दबाव बनाने के आरोप थे, उसी की नेम प्लेट पर ‘जिहादी’ लिखा गया था। विकास वर्मा का कहना है कि संगठन को पहले भी शोरूम में Hindu कर्मचारियों के उत्पीड़न की शिकायतें मिल चुकी थीं।

मैनेजर ने लौटाए 5000 रुपये

हंगामे के दौरान शोरूम के अंदर काफी देर तक बहस और नारेबाजी हुई। इसी बीच आरोप है कि स्टोर मैनेजर मोहम्मद अख्तर ने एटीएम से पैसे निकालकर कर्मचारी विपिन सिंह को 5000 रुपये लौटाए। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि यह रकम दबाव बनाकर ली गई थी।

पुलिस ने क्या कहा?

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने कहा कि वायरल वीडियो की जानकारी पुलिस को मिली है, लेकिन अभी तक किसी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर पुलिस जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी।