Bengal minister lashes out at Vande Mataram controversy, says, "If you want to live in India, you have to obey the law."
West Bengal Politics में एक बार फिर Vande Mataram को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद द्वारा पश्चिम बंगाल के स्कूलों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को अनिवार्य किए जाने का विरोध करने के बाद राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो लोग भारत को अपनी मातृभूमि मानने में हिचकते हैं, उन्हें देश में रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
जमीयत के आरोपों पर मंत्री का पलटवार
एक जनसभा के दौरान मीडिया से बातचीत में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की “भारत मां” है। उन्होंने कहा कि जिस मिट्टी ने लोगों को जन्म दिया और पाला-पोसा, उसका सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
उन्होंने कहा,
“भारत मां को मानने में जिन्हें परेशानी है, वे अदालतों का सहारा ले रहे हैं। ऐसे लोगों को इस देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है। अगर भारत को मां नहीं मानते, तो दूसरे देश चले जाइए।”
उनका यह बयान सोशल Media और Political Circles में तेजी से वायरल हो रहा है।
“भारतीय न्याय संहिता सभी पर लागू”
मंत्री ने यह भी कहा कि किसी खास धर्म को निशाना नहीं बनाया जा रहा है। उन्होंने Indian Justice System और भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) का हवाला देते हुए कहा कि कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है।
उन्होंने कहा,
“चाहे हिंदू हों या मुसलमान, सभी को भारतीय कानून का पालन करना होगा। बंगाल में रहना है तो Indian Constitution और भारतीय न्याय संहिता को मानना पड़ेगा।”
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने क्या कहा?
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने केंद्र और राज्य सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि देश को योजनाबद्ध तरीके से “वैचारिक राष्ट्र” में बदलने की कोशिश की जा रही है।
मदनी ने अपने बयान में Uniform Civil Code (UCC), Vande Mataram को अनिवार्य करना, मस्जिदों और मदरसों के खिलाफ कार्रवाई और SIR जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी कदम एक विशेष विचारधारा को आगे बढ़ाने के प्रयास हैं।
उन्होंने कहा कि जमीयत इन सभी फैसलों के खिलाफ “कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई” जारी रखेगी।
पश्चिम बंगाल सरकार ने स्कूलों में जारी किया आदेश
हाल ही में West Bengal Government ने राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में Morning Assembly के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि सभी विद्यार्थियों को राष्ट्रगीत के गायन में भाग लेना होगा।
School Education Department ने स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। यह फैसला National Respect और राष्ट्रभक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया बताया जा रहा है।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
Vande Mataram Controversy को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष और विभिन्न संगठनों के बीच बयानबाजी तेज हो चुकी है। एक तरफ सरकार इसे राष्ट्र सम्मान और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ संगठन इसे धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों के नजरिए से देख रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में West Bengal Politics और National Debate दोनों में बड़ा विषय बन सकता है।