Major preparations underway ahead of 2027 Nanda Devi Raj Jat Yatra, 48 km of four-track route to be improved
उत्तराखंड में साल 2027 में होने वाली ऐतिहासिक नंदादेवी राजजात यात्रा से पहले श्रद्धालुओं और ट्रेकर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। विश्व प्रसिद्ध Roopkund Trek और Bedni Bugyal तक पहुंचने वाले कठिन पहाड़ी रास्तों को अब पहले से ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जाएगा। बदरीनाथ वन प्रभाग ने नंदादेवी राजजात मार्ग के चार प्रमुख ट्रैक रूट्स की मरम्मत और सुधार की तैयारी शुरू कर दी है।
करीब 48 किलोमीटर लंबे इन ट्रैक रूट्स को सुधारने पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस पहल से न सिर्फ Nanda Devi Raj Jat Yatra में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को फायदा होगा, बल्कि हर साल यहां आने वाले हजारों ट्रेकर्स और स्थानीय लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
रूपकुंड और बेदनी बुग्याल ट्रेक होगा आसान
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रैक रूट्स की मरम्मत के बाद Roopkund Trek और Bedni Bugyal Trek पहले से ज्यादा सुगम और सुरक्षित हो जाएंगे। खासतौर पर वाण से गैरोली पातल और पातर नचौनिया तक के रास्तों के सुधरने से ट्रेकर्स को काफी सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा ऊंचाई वाले बुग्यालों और चारागाहों तक पहुंचने वाले स्थानीय लोगों के लिए भी आवागमन आसान हो सकेगा।
वाण से गैरोली पातल तक 10 KM ट्रैक की होगी मरम्मत
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पूर्वी पिंडर रेंज के अंतर्गत वाण से गैरोली पातल तक 10 किलोमीटर लंबे ट्रैक की मरम्मत पर 23.11 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
वहीं गैरोली पातल से पातर नचौनिया तक 12 किलोमीटर लंबे ट्रैक रूट को सुधारने के लिए 34.40 लाख रुपये की लागत तय की गई है। यह ट्रैक करीब 3950 मीटर की ऊंचाई तक जाता है और ट्रेकर्स के बीच बेहद लोकप्रिय माना जाता है।
सुतोल से चन्दनियाघाट तक सबसे लंबा ट्रैक रूट
नंदप्रयाग रेंज के अंतर्गत सुतोल से चन्दनियाघाट तक 18 किलोमीटर लंबे ट्रैक रूट की मरम्मत पर सबसे ज्यादा 50.57 लाख रुपये खर्च होंगे।
इसके अलावा मध्य पिंडर रेंज के डुंग्री से सूना तक आठ किलोमीटर लंबे रास्ते को भी दुरुस्त किया जाएगा, जिस पर 13.57 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
वन विभाग का लक्ष्य इन सभी पैदल मार्गों की मरम्मत अगले तीन महीनों के भीतर पूरा करने का है।
12 साल बाद निकलती है नंदादेवी राजजात यात्रा
बदरीनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश कुमार के अनुसार, ऐतिहासिक Nanda Devi Raj Jat Yatra हर 12 साल में आयोजित की जाती है और अगली यात्रा 2027 में प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया कि इन ट्रैक रूट्स के सुधरने से यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं, Adventure Tourism से जुड़े लोगों और स्थानीय निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही उत्तराखंड में Trekking Tourism को भी बढ़ावा मिलेगा।