तेल संकट के बीच भारत को राहत? अमेरिका ने फिर बढ़ाई Russian Oil खरीद की छूट

वैश्विक Oil Crisis और बढ़ती Fuel Prices के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका ने एक बार फिर Russian Oil खरीद से जुड़ी छूट (Sanctions Relief) बढ़ाने का फैसला किया है। इस कदम से भारत समेत कई देशों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर Crude Oil Import पर निर्भर हैं।

अमेरिकी वित्त मंत्री Scott Bessent ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि यह राहत केवल उन रूसी तेल कार्गो पर लागू होगी जो पहले से जहाजों में लोड हैं और समुद्र में फंसे हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस छूट के तहत रूस के साथ कोई नया Oil Deal या नया Export Agreement मान्य नहीं होगा।

China को रोकना भी अमेरिका का मकसद

अमेरिका ने संकेत दिया है कि इस फैसले का एक बड़ा उद्देश्य चीन को भारी Discount पर रूसी तेल जमा करने से रोकना भी है। अमेरिकी प्रशासन चाहता है कि मौजूदा संकट के दौरान उपलब्ध तेल उन देशों तक पहुंचे जिन्हें तत्काल Energy Supply की जरूरत है।

हालिया Middle East Conflict के बाद यह तीसरी बार है जब अमेरिका ने General License के जरिए समुद्र में फंसे रूसी तेल जहाजों को अस्थायी राहत दी है।

भारत को कैसे होगा फायदा?

India अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। फरवरी 2026 में शुरू हुए अमेरिका-ईरान तनाव और Strait of Hormuz संकट के बाद Global Supply Chain पर भारी असर पड़ा। इस अहम समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से भारत समेत कई देशों में Fuel Supply और LPG Availability पर दबाव बढ़ गया।

ऐसे में अमेरिकी छूट भारत के लिए काफी अहम मानी जा रही है। इससे भारतीय रिफाइनरियां समुद्र में फंसे रूसी तेल कार्गो को बिना अमेरिकी प्रतिबंधों के डर के आयात कर सकेंगी। इससे Domestic Refinery Operations को राहत मिलेगी और Crude Supply Chain फिर से मजबूत हो सकती है।

Record स्तर पर पहुंच चुकी है रूस से तेल खरीद

दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा Crude Oil Importer भारत पहले ही रूस से तेल खरीद में तेजी ला चुका है। कम कीमत पर उपलब्ध Russian Crude का फायदा उठाते हुए भारत ने मार्च 2026 में रिकॉर्ड 22.5 लाख बैरल प्रतिदिन तेल आयात किया था।

विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिकी राहत के बाद भारत की Oil Procurement Strategy को और मजबूती मिल सकती है।

भारत ने साफ कहा- खरीद जारी रहेगी

भारत सरकार ने भी साफ कर दिया है कि रूस से तेल खरीद पर उसका रुख नहीं बदलेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने कहा कि भारत पहले भी रूस से तेल खरीदता रहा है और आगे भी खरीद जारी रखेगा।

उन्होंने कहा कि भारत के Oil Import Decisions पूरी तरह Commercial Viability और Supply Availability पर आधारित होते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि देश में Crude Oil की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

क्या पेट्रोल-डीजल के दाम घट सकते हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर Global Crude Supply स्थिर होती है और Russian Oil की उपलब्धता बनी रहती है, तो भारत में Petrol-Diesel Prices पर दबाव कुछ कम हो सकता है। हालांकि अंतिम असर अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की कीमत और Middle East की स्थिति पर निर्भर करेगा।