Donald Trump's big signal! Is a new era of devastation about to begin in Iran?
Middle East Crisis एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब ऐसी सैन्य गतिविधियां सामने आ रही हैं, जिनसे बड़े हमले की आशंका तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी एयरफोर्स के कई C-17A Military Aircraft मध्य एशिया से यूरोप की ओर उड़ान भर चुके हैं।
जानकारों का कहना है कि 28 फरवरी को संभावित हमले से पहले भी इसी तरह की गतिविधियां देखी गई थीं। उस समय दावा किया गया था कि आखिरी वक्त में हमला टाल दिया गया था। अब एक बार फिर Donald Trump के बयानों और Pentagon की तैयारियों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
Donald Trump ने फिर दी ईरान को चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पहले भी कई बार ईरान को “तबाह” करने की चेतावनी दे चुके हैं। चीन दौरे से लौटने से पहले ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम बेहद नाजुक स्थिति में है और जरूरत पड़ी तो अमेरिका फिर कार्रवाई कर सकता है।
हाल ही में ट्रंप और Xi Jinping के बीच हुई बातचीत से भी कोई ठोस समाधान निकलता नहीं दिखा। इसके बाद Middle East में तनाव और बढ़ गया है।
US Air Force की गतिविधियों पर दुनिया की नजर
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के 11 से ज्यादा सैन्य विमान यूरोप की दिशा में बढ़ चुके हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां अक्सर बड़े Military Operation से पहले देखी जाती हैं।
बताया जा रहा है कि Pentagon ने कई विकल्प तैयार किए हैं, जिनमें सीमित सैन्य कार्रवाई से लेकर बड़े हमले तक की योजनाएं शामिल हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि हालात के अनुसार सेना की तैनाती बढ़ाई या घटाई जा सकती है।
Nuclear Sites और Uranium Storage बन सकते हैं निशाना
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यदि अमेरिका हमला करता है तो इस बार ईरान के Military Bases, Strategic Infrastructure और Uranium Storage Facilities प्रमुख निशाने पर हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक पहले हुए संघर्ष के दौरान कई परमाणु ठिकानों को नुकसान पहुंचा था, लेकिन जमीन के नीचे मौजूद यूरेनियम भंडार पूरी तरह नष्ट नहीं हो पाए थे। ऐसे में इस बार अमेरिकी रणनीति और ज्यादा आक्रामक हो सकती है।
ईरान ने भी दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
ईरान की संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ कहा है कि अमेरिका की हर कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गलत फैसलों के परिणाम भी गंभीर होंगे। ईरान ने संकेत दिए हैं कि यदि उस पर हमला हुआ तो Middle East में एक बार फिर व्यापक युद्ध छिड़ सकता है।
Pakistan कर रहा मध्यस्थता की कोशिश
इस बीच Pakistan के गृह मंत्री ईरान पहुंचे हुए हैं। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।
इससे पहले इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की कोशिश हुई थी, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया। दोनों देशों के बीच Nuclear Deal, Sanctions और Regional Security को लेकर मतभेद अभी भी बने हुए हैं।
क्या फिर शुरू होगा Middle East War?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो इसका असर सिर्फ Middle East तक सीमित नहीं रहेगा। Global Oil Market, Energy Supply और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।
फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका की सैन्य गतिविधियों और ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। आने वाले कुछ दिन Middle East के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।