First puja after Bhojshala Temple verdict, devotees excited with the installation of Saraswati idol
मध्य प्रदेश के धार स्थित प्रसिद्ध भोजशाला मंदिर में शनिवार को ऐतिहासिक माहौल देखने को मिला। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद यहां पूरे विधि-विधान से मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना व हवन अनुष्ठान संपन्न हुआ। Bhojshala Temple परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह दिखाई दिया।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री Savitri Thakur, धार कलेक्टर Rajeev Ranjan Meena और एसपी Sachin Sharma भी मौजूद रहे। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे ताकि पूरे आयोजन के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद बदली तस्वीर
दरअसल, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने हाल ही में भोजशाला-कमाल मौला परिसर को वाग्देवी यानी मां सरस्वती का मंदिर मानते हुए हिंदू पक्ष को यहां पूजा करने का अधिकार दिया था। कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI के साल 2003 के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया, जिसमें हिंदुओं को केवल मंगलवार को पूजा और मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को नमाज की अनुमति दी गई थी।
High Court Verdict आने के बाद ASI ने भी हिंदू समुदाय को पूजा-अर्चना के लिए बिना किसी रोक-टोक परिसर में प्रवेश की अनुमति दे दी। इसके बाद शनिवार को पहली बार खुले रूप में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया।
मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापना से भावुक हुए श्रद्धालु
भोजशाला परिसर में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित होते ही श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। हवन कुंड में वैदिक रीति-रिवाज से पूजा की गई। कई श्रद्धालुओं ने इसे “ऐतिहासिक क्षण” बताया। लोगों का कहना था कि वर्षों के इंतजार के बाद अब उन्हें नियमित पूजा का अवसर मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने क्या कहा?
पूजा में शामिल हुई केंद्रीय मंत्री Savitri Thakur ने कहा कि वह लंबे समय से यहां दर्शन के लिए आती रही हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट का फैसला हिंदू समाज की आस्था का सम्मान है और अब श्रद्धालु बिना किसी बाधा के यहां पूजा कर सकेंगे।
उन्होंने इसे जनता की जीत बताते हुए कहा कि Bhojshala Temple अब श्रद्धा और संस्कृति का बड़ा केंद्र बनेगा।
प्रशासन और ASI ने जारी किए निर्देश
धार कलेक्टर Rajeev Ranjan Meena ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद ASI की गाइडलाइन के अनुसार पूजा-अर्चना कराई जा रही है। आने वाले समय में भी सभी व्यवस्थाएं तय नियमों के तहत संचालित होंगी।
वहीं एसपी Sachin Sharma ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत रखी गई है। प्रशासन शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए हर स्तर पर निगरानी कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्यों खास है भोजशाला विवाद?
धार की भोजशाला लंबे समय से विवादों के केंद्र में रही है। हिंदू पक्ष इसे मां वाग्देवी यानी सरस्वती का प्राचीन मंदिर मानता रहा है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता रहा है। अब हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद इस विवाद में बड़ा मोड़ आ गया है।
Bhojshala News, High Court Decision, ASI Guidelines और Worship Rights जैसे मुद्दों को लेकर देशभर में इस फैसले की चर्चा हो रही है।