3700 KM Walk for Peace: अमेरिका में सुर्खियां बटोर रहा भारत का रेस्क्यू डॉग अलोका

अमेरिका (US News) में इन दिनों एक अनोखी Peace Walk चर्चा का विषय बनी हुई है। इस 3,700 किलोमीटर लंबी Walk for Peace में भारत से पहुंचा एक रेस्क्यू डॉग ‘Aloka The Peace Dog’ शांति और करुणा का प्रतीक बनकर उभरा है। कभी भारत की सड़कों पर भटकने वाला यह आवारा कुत्ता आज बौद्ध भिक्षुओं के साथ अमेरिका के एक छोर से दूसरे छोर तक पैदल यात्रा कर रहा है।

क्या है ‘Walk for Peace’?

US Peace Walk दरअसल बौद्ध भिक्षुओं द्वारा आयोजित एक लंबी spiritual peace journey है, जो अमेरिका के 10 राज्यों से होकर गुजर रही है। इसे Huong Dao Vipassana Meditation Center की ओर से आयोजित किया गया है।

यह पदयात्रा Texas के Fort Worth से शुरू हुई और इसका लक्ष्य करीब 120 दिनों में Washington DC पहुंचना है। आयोजकों के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य दुनिया में peace, love, kindness और compassion के संदेश को फैलाना है।

कौन है ‘Aloka The Peace Dog’?

Aloka कभी भारत की सड़कों पर रहने वाला एक साधारण stray dog था। बताया जाता है कि एक दिन वह बौद्ध भिक्षुओं के साथ चल पड़ा और फिर उनका साथ कभी नहीं छोड़ा। भारत में अलोका ने भिक्षुओं के साथ 100 दिनों से ज्यादा समय तक पैदल यात्रा की।

भूरे-सफेद रंग का यह कुत्ता, जिसके माथे पर दिल के आकार का निशान है, अब अमेरिका में भी इस peace march का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

भारतीय परिया डॉग, अब Global Peace Icon

भिक्षुओं के अनुसार, अलोका की उम्र करीब 4 साल है और वह संभवतः Indian Pariah Dog breed से संबंधित है। अमेरिका में उसकी नियमित veterinary check-ups कराई जा रही हैं। यात्रा के दौरान लोग उसे खाना, खिलौने और उपहार देते हैं, जिससे वह हर जगह लोगों का प्यार बटोर रहा है।

सोशल मीडिया पर भी अलोका की धूम

Aloka The Peace Dog की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। उसके Instagram account पर 1.5 लाख से ज्यादा followers हैं। एक पोस्ट में लिखा गया है—
“अलोका शांति के मार्ग का सच्चा साथी है, यह दिखाता है कि हर जीव peace की ओर चल सकता है।”

73वें दिन South Carolina में पहुंची यात्रा

शांति पदयात्रा के 73वें दिन, अलोका और बौद्ध भिक्षु इस समय South Carolina के McCormick क्षेत्र में हैं। उनकी यह प्रेरणादायक यात्रा लगातार online platforms पर साझा की जा रही है और दुनिया भर के लोग इसे उम्मीद और करुणा का संदेश मान रहे हैं।