SC Hearing on Waqf Act: क्या ‘User by Waqf’ प्रावधान होगा खत्म?
सुप्रीम कोर्ट आज (गुरुवार, 16 मई) को वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ करेगी। यह मामला पहले पूर्व CJI संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ के पास था, जिन्होंने 13 मई को पद छोड़ा।
केंद्र VS याचिकाकर्ता: मुद्दे की जड़
विवाद की मुख्य वजहें:
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“User by Waqf” प्रावधान: यानी किसी संपत्ति को केवल लंबे समय तक धार्मिक उपयोग के आधार पर वक्फ घोषित करना।
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गैर-मुस्लिमों की नियुक्ति: केंद्रीय वक्फ परिषद और राज्य वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिमों की नियुक्तियों की अनुमति।
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वक्फ संपत्तियों की संख्या में 116% वृद्धि: सरकार का दावा, जिस पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने आपत्ति जताई है।
केंद्र का पक्ष
केंद्र सरकार ने:
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वक्फ एक्ट 2025 का बचाव करते हुए 1,332 पन्नों का हलफनामा दाखिल किया।
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कानून में बदलाव को “संवैधानिकता के अनुमान वाले” कानून के तहत सही ठहराया।
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सुप्रीम कोर्ट से याचिकाएं खारिज करने का अनुरोध किया।
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यह भी कहा कि किसी प्रावधान पर अंतरिम रोक लगाने से “न्यायिक हस्तक्षेप द्वारा विधायी व्यवस्था” बन जाएगी, जो अनुचित है।
मुस्लिम बोर्ड की आपत्ति
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने:
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केंद्र पर “झूठा हलफनामा” दाखिल करने का आरोप लगाया।
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कहा कि केंद्र ने गलत डेटा के आधार पर 2013 के बाद वक्फ संपत्तियों की वृद्धि दिखाई।
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संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पिछली सुनवाई में क्या हुआ था?
17 अप्रैल को, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र का यह आश्वासन रिकॉर्ड किया था कि:
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5 मई तक वक्फ संपत्तियों से संबंधित कोई गैर-मुस्लिम नियुक्ति नहीं की जाएगी।
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कोर्ट ने यह भी कहा कि संसद ने कानून “उचित विचार-विमर्श” से पारित किया है, अतः केंद्र को सुने बिना रोक उचित नहीं।