Ayodhya News: CM Yogi to lay the foundation stone for and inaugurate development projects worth ₹432 crore.
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य के बुजुर्गों के लिए वृद्धावस्था पेंशन घर बैठे उपलब्ध कराने जा रही है। अब पेंशन के लिए तहसील या जिलाधिकारी कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। विभाग सीधे फोन कर बुजुर्गों से पूछेगा कि क्या वे पेंशन लेना चाहते हैं। सहमति मिलने पर आसान प्रक्रिया के बाद पेंशन स्वीकृत हो जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। बैठक में लगभग 15 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूरी के लिए रखे जा सकते हैं।
मुख्य प्रस्ताव और योजनाएँ:
घर बैठे वृद्धावस्था पेंशन:
बुजुर्गों के लिए आवेदन प्रक्रिया आसान।
फैमिली आईडी ‘एक परिवार एक पहचान’ से पेंशन जोड़ने का प्रावधान।
औद्योगिक विकास और भूमि आवंटन:
अशोक लीलैंड को लखनऊ में प्लांट के लिए अतिरिक्त भूमि।
जेपी को भूमि के बदले दी गई धरोहर राशि वापस करने का प्रस्ताव।
कृषि क्षेत्र सुधार:
गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी का प्रस्ताव, मुख्यमंत्री ने पहले 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने की घोषणा की।
शिक्षा और प्रशासन:
शाहजहांपुर में स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना।
कानूनगो के चपरासी (चैन मैन) को लेखपाल पद पर पदोन्नति, लेखपाल सेवा नियमावली (पंचम संशोधन) 2025 के अनुसार।
खाद्य प्रसंस्करण और निवेश:
खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के गठन का प्रस्ताव, जिसमें आईएएस अधिकारी निदेशक होंगे।
सुविधाएं और वाहनों का आधुनिकीकरण:
उत्तर प्रदेश अभियंता सेवा (PWD) के लिए 14 नए वाहन।
बलिया से ग्रेटर नोएडा तक आठ लेन एक्सप्रेसवे परियोजना अब उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के जरिए।
कृषक और ऊर्जा:
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान योजना के तहत खेतों में सोलर पंप स्थापना।
न्यायिक और प्रशासनिक सुधार:
इलाहाबाद उच्च न्यायालय में निजी सचिव पदों के पुनर्गठन और उन्नयन।
त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं का वार्षिक प्रतिवेदन 2019-20 विधानमंडल में पेश करने का प्रस्ताव।
कैबिनेट बैठक के महत्व:
इस बैठक में बुजुर्गों के हितों से लेकर कृषि, शिक्षा, औद्योगिक निवेश और न्यायिक प्रशासन तक राज्य के विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर जोर दिया जाएगा। सरकार की यह पहल सरकारी योजनाओं को सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।