Will the Sukhoi-57 and new S-400 systems arrive? All eyes are on Putin's India visit.
भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंध जल्द ही और मजबूत होने जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin दिसंबर के पहले सप्ताह यानी 5-6 December को नई दिल्ली में होने वाले 23rd India-Russia Annual Summit में शामिल हो सकते हैं। हालांकि अभी तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
मुख्य संभावित समझौते:
Employment & Skilled Worker Mobility Agreement
अतिरिक्त S-400 Air Defence System
Sukhoi-57 Fighter Jet Co-Production Deal
पिछले दौरों का इतिहास
पुतिन की आखिरी भारत यात्रा 2021 में हुई थी। इसके बाद रूस-यूक्रेन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के चलते वे G-20 Summit में भी शामिल नहीं हो सके। अब तक पुतिन अपने दो कार्यकालों के दौरान 9 बार भारत आ चुके हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 बार रूस का दौरा कर चुके हैं।
अमेरिका के दबाव के बीच रणनीतिक संतुलन
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका ने रूस से तेल खरीद पर भारत के खिलाफ Tariff और Penalty Action लागू किया है। ऐसे में विश्लेषक मान रहे हैं कि भारत US और Russia दोनों के साथ Geopolitical Balance बनाकर चल रहा है।
भारत की सक्रिय तैयारियां
विदेश मंत्री S. Jaishankar रूस के अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत कर रहे हैं ताकि इस यात्रा के दौरान सभी प्रस्तावित सौदे अंतिम रूप से तय हो सकें।
रूस पहले ही घोषणा कर चुका है कि वह अपने औद्योगिक क्षेत्र में 10 लाख भारतीय Skilled Workers की भर्ती करेगा। इसके लिए एक Labour Mobility Agreement का मसौदा तैयार हो चुका है, जिसमें सुरक्षा, वीज़ा, रेजिडेंसी और कार्य स्थिति से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
S-400 Defence System Deal
भारत पहले ही रूस से 5 S-400 Air Defence Systems खरीदने का समझौता कर चुका है। इनमें से:
3 सिस्टम भारत को मिल चुके हैं
2 की डिलीवरी अभी बाकी है
Operation Sindoor के दौरान इस सिस्टम ने भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
Sukhoi-57: भारत में Joint Production की संभावनाएं
भारत को पांचवीं पीढ़ी के Next-Gen Fighter Jets की जरूरत है और रूस का Sukhoi-57 इस आवश्यकता को पूरा कर सकता है। संभावना है कि Summit के दौरान दोनों देशों के बीच:
“India-Based Joint Production of Su-57 Fighter Aircraft”
पर सहमति बन सकती है। भारतीय वायुसेना को ऐसे कम से कम 114 Fighter Jets की तत्काल आवश्यकता है।
अन्य संभावित समझौते
Energy and Oil Trade
Nuclear & Renewable Energy Cooperation
Space Technology
Disaster Management
Higher Education
Climate & Green Technology Partnership
कुछ मौजूदा समझौतों का Renewal भी हो सकता है।
पुतिन की यह यात्रा न केवल भारत-रूस संबंधों को नई दिशा दे सकती है, बल्कि बदलते वैश्विक हालात में India’s Strategic Autonomy और Defence Capability को भी मजबूत करेगी। आने वाले सप्ताह इस दिशा में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।