Siddaramaiah vs DK Shivakumar: क्या कांग्रेस की “Secret CM Deal” करेगी बड़ा विस्फोट?

कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब यह मुद्दा एक बार फिर गर्माता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार सिद्धारमैया और DK Shivakumar के समर्थक जाति-आधारित संगठनों ने खुलकर चेतावनी देना शुरू कर दिया है। इससे संकेत मिल रहा है कि राज्य में नेतृत्व संकट गहरा सकता है।

Delhi High Command के फैसले का इंतजार

कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने पहले ही संकेत दिया था कि मुद्दे पर चर्चा होगी। दोनों नेता—सिद्धारमैया और शिवकुमार—दिल्ली बुलाए जाने का इंतजार कर रहे हैं।

सिद्धारमैया बोले: “बुलाया गया तो जाऊंगा।”

DK शिवकुमार का बयान: “सीएम और मैं मिलकर दिल्ली जाएंगे, जब पार्टी बुलाएगी।”

अनुमान है कि संसद के Winter Session के शुरू होने से पहले इस मामले पर किसी निर्णय की संभावना है। सत्र 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है।

क्या है विवाद की जड़? “Secret Deal” की चर्चा फिर गर्म

मई 2023 में सरकार बनने के समय कथित तौर पर दोनों नेताओं के बीच 2.5–2.5 साल CM Sharing Formula पर सहमति बनी थी। अब इस कथित Deal की मियाद आधी होने के करीब है, और विवाद तेज हो गया है।

चल रही हैं गुप्त रणनीतिक बैठकें?

Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक सिद्धारमैया ने हाल ही में अपने करीबी विधायकों के साथ बैठक की, जिनमें:

G Parameshwara

Satish Jarkiholi

HC Mahadevappa

K Venkatesh

KN Rajanna

जैसे नेता शामिल थे।

जातिगत संगठन भी खुले मैदान में
Backward Community संगठन की चेतावनी

Karnataka State Federation of Backward Class Communities (KSFBCC) ने सिद्धारमैया को हटाने का विरोध किया है। संगठन प्रमुख KM Ramachandrappa ने कहा:

“हम धमकियों से नहीं डरेंगे। अगर जाति जनगणना के खिलाफ लोग सीएम को हटाना चाहते हैं, तो कांग्रेस को इसके परिणाम भुगतने होंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे पर AHINDA Vote Block आहत है और चुप नहीं बैठेगा।

Vokkaliga Community की मांग: DK Shivakumar को मिले CM पोस्ट

दूसरी तरफ, वोक्कलिगा संगठनों ने शिवकुमार के लिए दावा मजबूत किया है।

संगठन के प्रमुख श्रीनिवास ने कहा:

“DK Shivakumar ने सरकार बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की है। अब CM पद का हक उन्हीं का है। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो समुदाय प्रदर्शन करेगा।”

पूर्व अध्यक्ष बी केंचप्पागौड़ा ने चेतावनी दी:

“अगर उनके साथ अन्याय हुआ, तो अगले चुनाव में कांग्रेस को सबक मिलेगा।”

क्या Karnataka Congress टूट की ओर?

कर्नाटक में सत्ता संघर्ष बढ़ रहा है और कांग्रेस हाईकमान पर दबाव कई दिशाओं से बढ़ चुका है। अब सबकी नजर इस पर है कि:

क्या कांग्रेस नेतृत्व बदलाव का जोखिम लेगा?

या सरकार में Status Quo बनाकर Crisis को टालने की कोशिश होगी?

आने वाले कुछ दिन Karnataka Politics के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।