कौन हैं नंदन नीलेकणि? जिन्हें मिला देश की Exam System बदलने का जिम्मा

देश में प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक Transparent, Secure और Technology Driven बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NTA Exam Reforms के लिए एक High Powered Task Force के गठन की घोषणा की है। इस समिति की अध्यक्षता Infosys के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि (Nandan Nilekani) करेंगे। टीम में अंतरिक्ष, शिक्षा, तकनीक, सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े कई अनुभवी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिनमें पूर्व ISRO Chairman एस. सोमनाथ भी शामिल हैं।

कौन-कौन हैं Task Force में शामिल?

सरकार द्वारा गठित इस Exam Reform Task Force में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को जगह दी गई है। प्रमुख सदस्य हैं—

नंदन नीलेकणि – टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट और Infosys के Co-founder (अध्यक्ष)
एस. सोमनाथ – ISRO के पूर्व चेयरमैन
तपन डेका – Intelligence Bureau (IB) के पूर्व निदेशक
वी. कामकोटी – IIT Madras के डायरेक्टर
अनीता करवाल – पूर्व शिक्षा सचिव
अमृत लाल मीणा – वरिष्ठ IAS अधिकारी और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ

सरकार का कहना है कि यह टीम परीक्षा प्रणाली में Structural Reforms, Technology Integration और Security Mechanism को मजबूत करने के लिए सुझाव देगी।

कौन हैं नंदन नीलेकणि?

नंदन नीलेकणि भारत के प्रमुख तकनीकी उद्यमियों और नीति विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। वे Infosys के सह-संस्थापक हैं और वर्ष 2002 से 2007 तक कंपनी के Chief Executive Officer (CEO) रहे। वर्ष 2009 में उन्हें UIDAI का पहला अध्यक्ष बनाया गया, जहां उनके नेतृत्व में Aadhaar दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान प्रणालियों में शामिल हुआ। डिजिटल गवर्नेंस, फिनटेक और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उनका योगदान व्यापक रूप से सराहा जाता है।

पूर्व ISRO प्रमुख एस. सोमनाथ की भूमिका

एस. सोमनाथ देश के प्रसिद्ध एयरोस्पेस वैज्ञानिक और रॉकेट इंजीनियर हैं। उन्होंने जनवरी 2022 से जनवरी 2025 तक ISRO के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल में भारत ने Chandrayaan-3 की ऐतिहासिक सफलता हासिल की। इसके अलावा Aditya-L1 और XPoSat जैसे महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों को भी सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया गया।

सुरक्षा और खुफिया मामलों के विशेषज्ञ तपन डेका

तपन डेका 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और Intelligence Bureau (IB) के पूर्व निदेशक रह चुके हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक खुफिया मामलों में उनका लंबा अनुभव रहा है। परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने और संगठित नकल या पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में उनका अनुभव उपयोगी माना जा रहा है।

IIT Madras के डायरेक्टर वी. कामकोटी

वी. कामकोटी कंप्यूटर विज्ञान और Artificial Intelligence (AI) के विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में वे IIT Madras के निदेशक हैं। उन्होंने Cyber Security, Computer Architecture, Deep Tech और भारतीय भाषाओं से जुड़ी कंप्यूटिंग तकनीकों पर व्यापक शोध किया है। उनकी विशेषज्ञता परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक के उपयोग को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है।

अनीता करवाल और अमृत लाल मीणा का अनुभव

पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल ने National Education Policy (NEP) 2020 के क्रियान्वयन और स्कूली शिक्षा सुधारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वहीं, वरिष्ठ IAS अधिकारी अमृत लाल मीणा को बुनियादी ढांचे, परिवहन और Logistics Management का व्यापक अनुभव है। प्रशासनिक और संचालन संबंधी सुधारों में उनकी विशेषज्ञता टास्क फोर्स के लिए अहम मानी जा रही है।

परीक्षा व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद बनाने पर फोकस

सरकार का उद्देश्य इस High Powered Task Force की सिफारिशों के आधार पर NTA Exam System को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और सुरक्षित बनाना है। उम्मीद की जा रही है कि समिति परीक्षा संचालन, डिजिटल सुरक्षा, मूल्यांकन प्रक्रिया और संस्थागत ढांचे में ऐसे सुधार सुझाएगी, जिससे भविष्य में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।