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Who are the real culprits in Pahalgam Attack? Pakistan's big conspiracy exposed!
Pahalgam Terror Attack Update: जम्मू-कश्मीर के शांत पहाड़ों में जब अचानक गोलियों की आवाज गूंजी और चीखों की गूंज उठी, तब यह साफ हो गया कि केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की आशंकाएं बेवजह नहीं थीं। केंद्र के पास पहले से इनपुट था कि Pakistan जम्मू-कश्मीर में Summer Season को टारगेट कर सकता है — और 10 मार्च व 6 अप्रैल की हाई-लेवल Security Meetings इसी खतरे के मद्देनज़र बुलाई गई थीं।
Foreign Terrorists की एंट्री, स्थानीय गाइड की मदद से हुआ हमला
पहलगाम के बैसरन घाटी में हुआ यह Deadliest Attack in Kashmir 28 जानें ले गया और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हमले को अंजाम देने वाले चार आतंकियों में से तीन विदेशी थे। एक स्थानीय आतंकी उन्हें रास्ता दिखाने और Target Fix करने में गाइड की भूमिका में था। Central Forces के अनुसार इस समय करीब 70 विदेशी आतंकी जम्मू-कश्मीर में एक्टिव हैं।
पहाड़ों की बर्फ पिघलते ही खुली घुसपैठ की राह
जैसे ही कश्मीर की वादियों में बर्फ पिघलनी शुरू हुई, वैसे ही पहाड़ी रास्तों से आतंकी बैसरन तक पहुंचने लगे। यह अंदेशा पहले से था कि गर्मियों के साथ cross-border infiltration बढ़ेगी। सूत्रों की मानें तो कई आतंकी पहले ही LoC पार कर चुके थे और Sleeper Cells में छिपे अपने आका के इशारे का इंतजार कर रहे थे।
लश्कर-ए-तैयबा के नकाब में TRF ने ली ज़िम्मेदारी
हमले की जिम्मेदारी The Resistance Front (TRF) ने ली है, जिसे Lashkar-e-Taiba’s proxy group माना जाता है। मौके से M4 Rifles और AK-47 की गोलियां बरामद हुई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने टूरिस्ट्स को दूर से टारगेट किया, जिससे साफ है कि उनके पास Sniper Training थी।
जल्द कार्रवाई में जुटी NIA, OGW की होगी पहचान
फिलहाल पहलगाम और आसपास के क्षेत्रों में Intensive Search Operation जारी है। National Investigation Agency (NIA) जल्द ही मौके पर पहुंच सकती है और उन Overground Workers (OGWs) पर शिकंजा कस सकती है, जिन्होंने इन विदेशी आतंकियों की मदद की।