What will the next Vice President have to do to save the dignity of the Rajya Sabha?
Jagdeep Dhankhar के इस्तीफे के बाद Vice President of India का पद फिलहाल खाली है। चुनाव आयोग (Election Commission) इसकी प्रक्रिया शुरू कर चुका है और जल्द ही देश को एक नया उपराष्ट्रपति मिलेगा, जो राज्यसभा के सभापति (Chairman of Rajya Sabha) की भूमिका भी निभाएगा।
इसी संदर्भ में TMC सांसद Derek O’Brien ने अंग्रेज़ी अख़बार Indian Express में एक लेख लिखकर भविष्य के उपराष्ट्रपति को 8 जरूरी सलाह दी हैं, ताकि सदन की गरिमा बनी रहे और लोकतंत्र मजबूत हो।
Rule 267 के तहत विपक्ष की नोटिस पर हो संजीदा कार्रवाई
डेरेक ने लिखा कि Opposition का voice संसद की कार्यवाही का अहम हिस्सा है। लेकिन Rule 267 के तहत कोई भी चर्चा पिछले 8 सालों में नहीं हुई, जबकि 2009-2016 में 110 नोटिस स्वीकार किए गए थे। 2017-2024 में सिर्फ़ 36 नोटिस ही मंज़ूर हुए। इस ट्रेंड को पलटना ज़रूरी है।
Mass Suspension की परंपरा पर लगे रोक
दिसंबर 2023 में 146 सांसदों का एक साथ निलंबन हुआ – जो संसदीय इतिहास का सबसे बड़ा निलंबन था। जबकि UPA के 10 साल के शासन में कुल 50 सांसद ही निलंबित हुए थे। यह लोकतांत्रिक संवाद के लिए खतरनाक है।
उपसभापति पैनल में हो योग्य सांसदों की नियुक्ति
राज्यसभा के चेयरमैन को 6 सांसदों को उपसभापति पैनल में मनोनीत करने का अधिकार होता है, लेकिन हाल के वर्षों में यह संख्या अनौपचारिक रूप से बढ़कर 30 तक पहुंच गई। डेरेक ने कहा कि यह Tokenism नहीं बनना चाहिए, बल्कि Merit-based selection होना चाहिए।
Opposition protests को TV से सेंसर करना बंद हो
Derek का आरोप है कि Sansad TV पर सिर्फ़ Treasury benches को दिखाया जाता है जबकि विपक्ष के प्रदर्शन को सेंसर कर दिया जाता है। इससे Transparency in Parliamentary proceedings पर सवाल उठता है।
Bills को Parliamentary Committees में भेजा जाए
Bill Scrutiny लोकतंत्र की मजबूती की निशानी है। लेकिन 14वीं लोकसभा में जहां 60% बिल समितियों को भेजे गए, वहीं 17वीं लोकसभा में ये गिरकर सिर्फ़ 20% रह गए। इससे Quality of Legislation पर असर पड़ता है।
MPs को मिले संशोधन और Division Voting का अधिकार
कई बार देखा गया कि सांसदों को किसी विधेयक पर संशोधन या डिवीजन की मांग करने का अधिकार नहीं मिला, जैसे Farm Laws के वक्त। जबकि ये सांसदों का Constitutional Right है, जिसे रोका नहीं जाना चाहिए।
‘Point of Order’ को गंभीरता से लिया जाए
सांसद अगर नियमों के उल्लंघन की बात उठाते हैं तो उसे ‘Point of Order’ के तहत गंभीरता से सुनना चाहिए। इसे नजरअंदाज़ करना Parliamentary Decorum के खिलाफ है।
Birthday Greetings की परंपरा खत्म हो
Derek ने कहा कि 200+ सांसदों को 2 मिनट जन्मदिन की बधाई देने में सालभर में 400 मिनट खर्च हो जाते हैं। यह समय National Issues पर Debates के लिए इस्तेमाल होना चाहिए।
नया उपराष्ट्रपति केवल एक पद नहीं, एक ज़िम्मेदारी भी
Vice President of India का पद सिर्फ़ औपचारिक नहीं, बल्कि संसद के ऊपरी सदन में Balance और Neutrality लाने का एक अवसर है। TMC सांसद की ये 8 सलाह इस बात की ओर इशारा करती हैं कि लोकतंत्र में सिर्फ बहुमत नहीं, बल्कि विपक्ष की आवाज़ भी equally जरूरी है।