Waqf Properties in Uttarakhand: Now possession will not be hidden, the government will have entry of every property on the Waqf portal
उत्तराखंड सरकार ने राज्य की Waqf properties को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने वालों और किराया बकायेदारों की पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से रिकॉर्ड की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा तैयार Waqf Ummeed Portal पर राज्य की हर वक्फ संपत्ति का ब्योरा अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस काम के लिए प्रदेशभर के mutawalli, administrators और waqf management committees को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे वक्फ पोर्टल पर पूरी जानकारी सही ढंग से दर्ज कर सकें। सरकार का यह कदम कब्जामुक्ति अभियान को तेज करने की दिशा में एक अहम मोड़ माना जा रहा है।
Training शुरू: कब और कहां होगा वक्फ कमेटियों का tech workshop
मंगलवार को देहरादून में SCERT (State Council of Educational Research and Training) में वक्फ कमेटियों की पहली technical training session की शुरुआत हुई। इस कार्यक्रम का उद्घाटन Waqf Board Chairman Shadab Shams और Special Secretary Parag Madhukar Dhakate ने किया।
शम्स ने कहा कि नया Central Waqf Act वक्फ संपत्तियों को illegal encroachments से मुक्त कराने में बेहद कारगर साबित होगा। इससे गरीबों, विधवाओं और अनाथों को उनका हक दिलाना आसान होगा।
वक्फ बोर्ड के सीईओ Syed Siraj Usman ने बताया कि:
30 जुलाई को देहरादून
31 जुलाई को हरिद्वार
2 अगस्त को नैनीताल और अन्य जिलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
Waqf Ummeed Portal पर अपलोड होगी हर संपत्ति की Detail
हर वक्फ संपत्ति की यह जानकारी अनिवार्य रूप से पोर्टल पर दर्ज करनी होगी:
Waqf Number
Property Type (जैसे दुकान, मकान, खेत आदि)
Encroacher या Tenant की जानकारी
Outstanding Rent (बकाया राशि)
Revenue Department में रजिस्टर्ड है या नहीं
दानदाता का नाम,
Khasra-Khatauni Number
Waqf Deed और Rakba (भूमि माप)
Chauhaddi (सीमाएं) और
Photograph of the Property
जहां वक्फ कमेटी नहीं है, वहां caretaker या khadim को यह डेटा देना होगा।
Possibility of Action: हो सकती है बड़ी कार्रवाई
सरकार का मानना है कि पोर्टल पर पूरी जानकारी दर्ज होने के बाद Waqf land disputes की जांच और निपटारा तेजी से होगा। साथ ही जो लोग वर्षों से occupy करके किराया नहीं दे रहे, या फर्जी दावों से संपत्ति हड़प रहे हैं, उन पर legal action हो सकता है।