Agniveer अब बनेंगे Tiger Protector! सीएम धामी का बड़ा फैसला

उत्तराखंड के अग्निवीरों को अब एक नई और बेहद खास जिम्मेदारी मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने मंगलवार को International Tiger Day के अवसर पर Corbett Tiger Reserve में एक अहम घोषणा की राज्य में Tiger Protection Force (TPF) का गठन होगा, जिसमें Agniveer youth की सीधी भर्ती की जाएगी।

 बाघों की सुरक्षा में अग्निवीर बनेंगे नया कवच

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वन्यजीव सुरक्षा, खासतौर पर बाघों की रक्षा के लिए अब राज्य सरकार विशेष बल बनाएगी, जो trained Agniveer youth से लैस होगी। इस बल में 80 से अधिक युवाओं की भर्ती होगी, जो वन्य क्षेत्रों में anti-poaching patrols, intelligence collection और forest crime prevention जैसे कामों को अंजाम देंगे।

 Illegal Poaching, Mining और Encroachment पर नजर

Tiger Protection Force सिर्फ शिकारियों को ही नहीं रोकेगी, बल्कि यह बल timber smuggling, illegal mining, और forest land encroachment जैसी गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह बल जंगलों में sensitive zones की निगरानी करेगा और वन्यजीवों के नैसर्गिक आवास की रक्षा करेगा।

 Hi-tech Surveillance: Drone, Thermal Imaging, GPS से होगी निगरानी

TPF को ड्रोन, थर्मल इमेजिंग कैमरा और GPS ट्रैकिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया जाएगा ताकि बाघों की मूवमेंट और अवैध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। खासकर उन हालातों में जब tigers human habitation में घुस आते हैं, यह बल human-wildlife conflict को कंट्रोल करने में प्रमुख भूमिका निभाएगा।

Agniveers की क्षमता से जंगलों को मिलेगा नया प्रहरी

सीएम धामी ने कहा कि Agniveer soldiers पहले ही Indian Army की सख्त ट्रेनिंग से गुजर चुके होते हैं, जो उन्हें शारीरिक रूप से फिट, मानसिक रूप से मजबूत और फुर्तीला बनाता है। इसलिए उन्हें वन अपराधों से लड़ने और जंगलों में गश्त के लिए आदर्श विकल्प माना गया है।

नौकरी भी और नेचर की सेवा भी

यह पहल एक तरह से Agniveer exit policy के तहत युवाओं को sustainable employment देने का तरीका भी है, जिससे वे न सिर्फ नौकरी पाएंगे बल्कि wildlife conservation जैसे noble cause का हिस्सा भी बनेंगे।