Uttarakhand Silver Jubilee: हरीश रावत का सरकार पर वार – “धामी सरकार ने फिर दोहराई वही गलती!”

देहरादून: उत्तराखंड के स्थापना दिवस (Uttarakhand Foundation Day) के 25 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस मौके पर राज्य सरकार ने इसे रजत जयंती वर्ष (Silver Jubilee Year) के रूप में मनाने की घोषणा की है। 3 और 4 नवंबर को देहरादून विधानसभा भवन में Uttarakhand Assembly Special Session बुलाया गया है, जिसे राष्ट्रपति Droupadi Murmu संबोधित कर सकती हैं।

लेकिन इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Harish Rawat ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि “धामी सरकार ने एक बड़ी गलती दोबारा दोहराई है।”

हरीश रावत बोले – ‘25 सालों की उपलब्धियों के साथ कमजोरियों पर भी हो चर्चा’

हरीश रावत ने कहा कि राज्य गठन के इन 25 वर्षों में जहां कई उपलब्धियां हासिल हुई हैं, वहीं कई कमियां भी रह गई हैं। ऐसे में इस विशेष सत्र का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं होना चाहिए, बल्कि राज्य की प्रगति और कमजोरियों पर भी विवेचन (review) किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा,

“अगर Uttarakhand रजत जयंती वर्ष से स्वर्णिम वर्ष की ओर बढ़ रहा है, तो यह सही समय है कि हम 26वें वर्ष में प्रवेश करने से पहले अपनी गलतियों और चूकों पर आत्ममंथन करें।”

‘गैरसैंण में होना चाहिए था रजत जयंती सत्र’ – हरीश रावत

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि Uttarakhand Silver Jubilee Session सिर्फ दो दिन का नहीं बल्कि चार दिन का होना चाहिए था। उन्होंने सरकार को Gairsain (गैरसैंण) की याद दिलाते हुए कहा कि यह सत्र देहरादून के बजाय भराड़ीसैंण (Gairsain Assembly) में आयोजित होना चाहिए था।

हरीश रावत ने कहा –

“धामी सरकार के पास अपनी पुरानी गलती सुधारने का सुनहरा मौका था। अगर रजत जयंती सत्र हिमालय की गोद में, भराड़ीसैंण में आयोजित होता और वहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अभिभाषण देतीं, तो यह राज्य के इतिहास का गौरवपूर्ण क्षण बन जाता। लेकिन अफसोस, सरकार ने फिर वही गलती दोहराई।”

Uttarakhand Assembly Special Session: तैयारियां पूरी

राज्य सरकार ने विशेष सत्र के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। Uttarakhand Legislative Assembly Special Session 2025 में बीते 25 वर्षों की उपलब्धियों पर चर्चा के साथ-साथ अगले 25 वर्षों के लिए विकास का रोडमैप तय किए जाने की उम्मीद है।

वहीं विपक्ष की मांग है कि सत्र में पहाड़ी क्षेत्रों, विशेष रूप से Gairsain Capital Demand जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी जाए।

राज्य गठन के 25 वर्ष: उपलब्धियों और चुनौतियों का लेखा-जोखा

उत्तराखंड का गठन 9 नवंबर 2000 को हुआ था। इन 25 वर्षों में राज्य ने tourism, hydropower, infrastructure और education के क्षेत्रों में प्रगति की है, लेकिन migration, employment, healthcare जैसी समस्याएं अभी भी चुनौती बनी हुई हैं।

राज्य के लिए यह रजत जयंती वर्ष न केवल celebration का समय है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए एक vision document तैयार करने का अवसर भी है।