Uttarakhand Nursing Recruitment Protest: Protest over nursing recruitment demands intensifies; female candidate drinks phenyl outside Health Minister's residence.
Uttarakhand Nursing Recruitment को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद बुधवार को उस समय गंभीर मोड़ पर पहुंच गया, जब देहरादून में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रही एक महिला अभ्यर्थी ने कथित तौर पर फिनाइल पी लिया। घटना के तुरंत बाद उसे Doon Medical College Hospital ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे ICU में भर्ती किया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार महिला की हालत फिलहाल स्थिर है और लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखी गई है।
भर्ती में देरी से नाराज अभ्यर्थियों का फिर प्रदर्शन
Nursing Ekta Manch के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने बताया कि संगठन ने स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद मई महीने में करीब 150 दिनों से चल रहा आंदोलन समाप्त कर दिया था। उनका आरोप है कि सरकार की ओर से अब तक किसी भी प्रमुख मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण अभ्यर्थियों को दोबारा आंदोलन शुरू करना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव
संगठन के अनुसार प्रदर्शन के दौरान एक महिला अभ्यर्थी ने फिनाइल पी लिया। उनका दावा है कि कुछ अन्य प्रदर्शनकारी भी ऐसा कदम उठाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन साथियों ने उन्हें रोक लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी होने से कई अभ्यर्थी मानसिक तनाव और अवसाद का सामना कर रहे हैं।
बुधवार को प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर आठ महीने से लंबित मांगों पर जल्द फैसला लेने की मांग भी रखी।
पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने क्या कहा?
कैंट थाना प्रभारी शंकर बिष्ट ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान महिला द्वारा फिनाइल पीने की सूचना मिलने के बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.एस. बिष्ट ने बताया कि महिला को ICU में भर्ती किया गया है। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर है और विशेषज्ञ डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें?
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं—
Year-wise Seniority के आधार पर नर्सिंग भर्ती की बहाली।
भर्ती में देरी के कारण Age Limit पार कर चुके अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट।
Local Candidates को भर्ती में प्राथमिकता।
IPHS (Indian Public Health Standards) के अनुरूप राज्य में कम से कम 2,000 नए Nursing Posts का सृजन।
नर्सिंग एकता मंच का कहना है कि वर्ष 2020 तक राज्य में वरिष्ठता के आधार पर भर्ती होती थी, लेकिन बाद में नियमों में बदलाव कर Written Exam प्रणाली लागू कर दी गई, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी और विवाद बढ़े हैं।
भर्ती प्रक्रिया पर बढ़ सकता है दबाव
इस घटना के बाद Uttarakhand Nursing Recruitment का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।