Uttarakhand Mahotsav 2025: यूपी CM ने कहा, लोक कला में छुपा है भारत का गौरव

देहरादून: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि विदेशी इतिहासकार जानबूझकर भारत के गौरवपूर्ण पलों को इतिहास से हटा देते हैं, लेकिन हमारी लोक कला और लोक गीत उन पलों को सदियों से जीवित रखे हुए हैं।

उन्होंने यह बात 10 दिवसीय Uttarakhand Mahotsav 2025 के उद्घाटन समारोह में कही, जो 9 नवंबर से उत्तराखंड में चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महोत्सव देश की folk traditions और संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा: “अगर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाते, तो आज की तेज़-तर्रार दुनिया में कई लोग अपनी परंपराओं और संस्कृति से कट सकते हैं।”

लोक संगीत और लोक कला: इतिहास के सच्चे संरक्षक

मुख्यमंत्री ने कहा कि folk music और folk arts हमारे इतिहास के सच्चे संरक्षक हैं। उन्होंने बताया कि विदेशी इतिहासकारों ने कई गौरवपूर्ण घटनाओं को जानबूझकर इतिहास से हटाया ताकि हमारे नागरिक अपने सच्चे heritage को न जान पाएं। लेकिन लोक गीतों और परंपराओं के माध्यम से यह गौरव अभी भी हमारे बीच जीवित है।

Festivals से जुड़े युवा और संस्कृति

योगी आदित्यनाथ ने आयोजकों का धन्यवाद करते हुए केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने मिलकर “Uttarakhand Darpan Smarika” और महोत्सव का आधिकारिक कैलेंडर भी जारी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा:

“हमें अपनी मातृभूमि और ‘देवभूमि’ पर गर्व होना चाहिए। लोक कला, परंपराएं, भोजन और संस्कृति को संरक्षित करना और उन्हें मंच देना बहुत जरूरी है।”
दोनों नेताओं ने जोर देकर कहा कि Uttarakhand Mahotsav जैसे महोत्सव युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़ने और भारत के civilisational values को आगे ले जाने के लिए महत्वपूर्ण मंच हैं।

उत्तराखंड की गौरवशाली विरासत

योगी आदित्यनाथ ने कहा: “उत्तराखंड के चार धाम इस महोत्सव की महिमा को और बढ़ाते हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि उत्तराखंड ने ऐसे नेताओं को जन्म दिया जैसे कि दिवंगत हेमवती नंदन बहुगुणा और दिवंगत नारायण दत्त तिवारी, जिन्होंने राज्य और देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।”
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भी अपने विचार साझा किए और लोक कला एवं संस्कृति के संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।