Uttarakhand Madarsa Reform 2025: अब सभी मदरसे अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता लेंगे

उत्तराखंड में Minority Educational Institutions की निगरानी और संचालन के लिए बड़ा बदलाव किया जा रहा है। राज्य में अब मदरसा खोलने और संचालन के लिए Uttarakhand Minority Education Authority से official recognition लेना अनिवार्य होगा।

452 पंजीकृत मदरसों पर असर

राज्य में वर्तमान में 452 मदरसे Uttarakhand Madarsa Education Board के माध्यम से पंजीकृत हैं, जिनमें लगभग 68,000 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। अभी तक ये मदरसे बोर्ड से मान्यता प्राप्त कर संचालन करते थे।

लेकिन नए legislative amendment के तहत, उत्तराखंड मदरसा एजुकेशन बोर्ड का अस्तित्व 1 जुलाई 2026 से समाप्त हो जाएगा।

नई प्रक्रिया: Minority Education Authority से मान्यता

अब सभी मदरसे संचालन के लिए पहले Uttarakhand School Education Council से संबद्धता (affiliation) हासिल करेंगे। संबद्धता मिलने के बाद ही वे Minority Education Authority में आवेदन कर official recognition प्राप्त करेंगे। मान्यता मिलने के बाद ही मदरसा संचालन वैध होगा।

उद्देश्य और महत्व

इस कदम का उद्देश्य standardization of madarsa education और शिक्षण संस्थानों के संचालन में पारदर्शिता लाना है। राज्य सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से quality education सुनिश्चित होगी और बच्चों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण बनेगा।