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Uttarakhand Assembly Election 2027 को लेकर राज्य की सियासत धीरे-धीरे गर्माने लगी है। चुनाव में अभी समय है, लेकिन BJP और Congress ने अपनी-अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जहां भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर हैट्रिक लगाने की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं कांग्रेस एक दशक बाद सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटी है।
Mission 2027 के लिए Ground Campaign शुरू
दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने Mission 2027 की शुरुआत संगठन को मजबूत करने से की है। हाल ही में भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उत्तराखंड का दौरा कर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में चुनावी रणनीति, संगठन विस्तार और Booth Management को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
BJP का फोकस Booth Strengthening पर
भाजपा का मानना है कि चुनावी जीत की सबसे मजबूत नींव बूथ स्तर पर तैयार होती है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अनुसार पिछले कई सप्ताह से प्रत्येक बूथ और शक्ति केंद्र पर लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। विधानसभा और जिला स्तर पर Core Committee का गठन भी किया गया है, जो संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
पार्टी आगामी महीनों में Youth Dialogue, महिला सम्मेलन, पूर्व सैनिक सम्मेलन और ओबीसी समाज के सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों के जरिए अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है। भाजपा का दावा है कि संगठन की मजबूती ही उसे लगातार चुनावी सफलता दिलाती रही है।
Congress भी मजबूत कर रही संगठनात्मक ढांचा
कांग्रेस भी आगामी चुनाव को लेकर पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में संगठन को ब्लॉक और बूथ स्तर तक मजबूत करने का अभियान लगातार चलाया गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के अनुसार प्रदेश के सभी संगठनात्मक जिलों में पुनर्गठन किया गया है और अब बूथ कमेटियों को सक्रिय बनाया जा रहा है।
कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों को गति देने के लिए पूरे प्रदेश को चार जोन में विभाजित किया है। इन जोनों की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है, जो संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य सरकार के खिलाफ जनसंपर्क अभियान भी चलाएंगे।
दोनों दलों के सामने बड़ी चुनौती
2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरेगी, जबकि कांग्रेस सत्ता में वापसी की कोशिश करेगी। इसके अलावा क्षेत्रीय दल भी कई सीटों पर मुकाबले को रोचक बना सकते हैं। ऐसे में दोनों राष्ट्रीय दल संगठन, Ground Connect, Voter Outreach और Booth Level Strategy पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
बूथ से तय होगी सत्ता की राह
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तराखंड में चुनावी मुकाबला केवल बड़े नेताओं की रैलियों से नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता से तय होगा। यही वजह है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही Booth Strengthening, संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान को अपनी चुनावी रणनीति का सबसे अहम हिस्सा बना रहे हैं।