UP Health Guidelines: Doctors or hospital management cannot force patients to buy medicines from medical stores.
मेरठ जिले में Private Hospitals और 1400 पंजीकृत निजी डॉक्टरों के लिए नए सख्त निर्देश (CMO Directives) जारी किए गए हैं। अब किसी भी मरीज को अपने मेडिकल स्टोर से दवा लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा। नियम न मानने पर अस्पताल का Registration Cancel और डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Patients को दवा लेने का पूरा अधिकार
सीएमओ Dr. Ashok Kataria ने स्पष्ट किया कि मरीज अपनी मर्जी से किसी भी मेडिकल स्टोर से दवा ले सकते हैं। इसके लिए हर अस्पताल में “Patients Can Choose Any Pharmacy” का बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। एक्सपायरी या नजदीकी एक्सपायरी दवाओं का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।
अस्पताल और नर्सिंग होम के लिए निर्देश
बाहरी Ambulance Drivers या दलाल मरीजों के साथ दलाली नहीं करेंगे।
मुख्य द्वार पर पीला बोर्ड अनिवार्य, जिसमें अस्पताल का Registration Number, संचालक का नाम, बेड संख्या, उपलब्ध सेवाएं और सभी डॉक्टर-नर्सों की सूची लिखी हो।
Refer System और रिकॉर्ड रखरखाव में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। गंभीर मरीजों को तुरंत Higher Center रेफर करना होगा।
अनावश्यक भर्ती और पैसा वसूलने पर सख्त कार्रवाई।
रेट लिस्ट और स्टाफ नियम
सभी अस्पतालों में मुख्य द्वार पर Estimated Rate List चस्पा करना अनिवार्य।
पंजीकरण में दर्ज सभी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ हमेशा उपस्थित रहें।
किसी के हटने या जुड़ने पर तुरंत CMO Office को सूचित करना होगा।
सभी कर्मचारी केवल निर्धारित यूनिफॉर्म में ड्यूटी करेंगे।
आयुष्मान योजना के मरीजों के लिए निर्देश
सीएमओ ने कहा कि Ayushman Bharat योजना के मरीजों को पूरी तरह Free Treatment और बिना किसी परेशानी के इलाज देना होगा।
सभी अस्पतालों में पर्याप्त Parking, साफ-सफाई और Infection Control Standards बनाए रखना अनिवार्य होगा। सुरक्षा कर्मी केवल पंजीकृत एजेंसी से ही नियुक्त किए जाएंगे।