Pahad ki Nari बनी लोकतंत्र की ताकत, पंचायत चुनाव में 59% महिलाओं ने किया Nomination

Uttarakhand Panchayat Elections 2025 में इस बार ग्रामीण महिलाओं ने लोकतंत्र की मजबूती का अद्भुत उदाहरण पेश किया है। पहले चरण के मतदान में महिला मतदाताओं (women voters) की भागीदारी पुरुषों से करीब 10% अधिक रही, जो इस बात की गवाही देती है कि पहाड़ की महिलाओं के कंधों पर न सिर्फ घर बल्कि लोकतंत्र का भी भार है।

पहले चरण में 68% Voting, महिलाओं की भागीदारी सबसे आगे

राज्य के 12 जिलों के 49 ब्लॉकों में पंचायत चुनाव के पहले चरण में 68% मतदान दर्ज हुआ। दिलचस्प बात यह रही कि women voter turnout ने male voters को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बनाई। यह रुझान पिछले विधानसभा चुनावों की तरह ही रहा, जहां महिलाओं की भूमिका निर्णायक रही थी।

 प्रत्याशी के रूप में भी महिलाओं का दबदबा

सरकार ने पंचायत चुनाव में 50% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की हैं, लेकिन 59% नामांकन महिलाओं द्वारा कराया गया, जो यह दर्शाता है कि ग्रामीण भारत में महिलाएं न केवल मतदाता के रूप में बल्कि grassroots leadership में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं।

 कोर्ट अपडेट: याचिका हुई खारिज

Nainital High Court ने नैनीताल के ओखलकांडा ब्लॉक में निर्विरोध जीती गई महिला सदस्य कमलेश कैड़ा के नाम को लेकर दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि चुनाव हो चुके हैं और अब इस पर याचिका दायर करना संवैधानिक रूप से अनुचित है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, निर्वाचित प्रतिनिधियों पर इस तरह की आपत्ति अब निरर्थक है।

 मतदान केंद्रों में बदलाव

28 जुलाई को होने वाले पंचायत चुनाव के लिए Dehradun के Raipur, Doiwala और Sahaspur में कुछ मतदान केंद्रों को weather conditions के चलते स्थानांतरित किया गया है। डोईवाला के कुछ बूथ अब Paras Public School, Shyampur में शिफ्ट कर दिए गए हैं। इसी तरह रायपुर के धनौला पंचायत के मतदान केंद्र को Milan Kendra Brandawali में ट्रांसफर किया गया है।

 वोट डालकर लौट रहे ग्रामीणों की बसों में भारी भीड़

पहाड़ों से देहरादून लौटने वाले वोटरों को bus और taxi में सीट पाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। कई लोगों को सीट न मिलने पर standing travel करना पड़ा। इससे यह साफ है कि गांवों में मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह था।