NGT ने रियल एस्टेट कंपनी को दी बड़ी राहत, MD पर कार्रवाई फिलहाल टली

नोएडा (Noida) में रियल एस्टेट डेवलपर Gaursons Promoters Private Limited को बड़ी राहत मिली है। National Green Tribunal (NGT) ने कंपनी के मुख्यालय को अटैच करने और कंपनी के Managing Director (MD) के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने के अपने पहले के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है।

यह आदेश न्यायिक सदस्य जस्टिस अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने पारित किया। कंपनी की ओर से दाखिल interlocutory application पर सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने 16 दिसंबर को दिए गए अपने निर्देशों में अस्थायी संशोधन किया है।

किस मामले में NGT का यह फैसला आया

दरअसल, यह मामला ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के एक निवासी द्वारा दायर execution application से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि डेवलपर ने NGT के पूर्व आदेशों का पालन नहीं किया। इसी सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने 16 दिसंबर को कंपनी के गाजियाबाद स्थित हेड ऑफिस को सशर्त रूप से अटैच करने और MD के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया था।

हालांकि, अब उस आदेश के विवादित हिस्से को अगली सुनवाई तक स्थगित (kept in abeyance) कर दिया गया है।

अगली सुनवाई 12 जनवरी को

डेवलपर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता A R Takkar ने बताया कि मामला अब 12 जनवरी को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तब तक न तो कंपनी के ऑफिस की अटैचमेंट होगी और न ही MD के खिलाफ कोई आपराधिक कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

Gaurs Group की सफाई

NGT के आदेश के बाद जारी एक अलग clarification statement में Gaurs Group ने कहा कि कंपनी ने हमेशा वैधानिक प्रावधानों और न्यायिक व नियामक संस्थाओं के निर्देशों का पालन किया है, जिसमें NGT के आदेश भी शामिल हैं।

कंपनी ने दावा किया कि हालिया प्रतिकूल स्थिति एक कर्मचारी की अनजाने में हुई चूक (inadvertent lapse) के कारण उत्पन्न हुई, जो ट्रिब्यूनल के समक्ष compliance report के साथ पेश नहीं हो पाया। कंपनी के अनुसार, इस तथ्य की जानकारी पीठ को दे दी गई है।

14th Avenue, Gaur City 2 से जुड़ा विवाद

यह विवाद 14th Avenue, Gaur City 2 प्रोजेक्ट से संबंधित है। डेवलपर के मुताबिक, यह परियोजना स्वीकृत नक्शों (sanctioned plans) के अनुरूप बनाई गई थी और इसमें एक dedicated garbage collection centre भी शामिल था।

हालांकि, बाद में कुछ निवासियों ने इस सुविधा के स्थान पर आपत्ति जताई, जिसके बाद उनमें से एक ने NGT का रुख किया।

वैकल्पिक स्थान की कोशिश, लेकिन अटका मामला

Gaurs Group ने बताया कि NGT के निर्देशों का पालन करते हुए कंपनी ने garbage collection centre को स्थानांतरित करने के लिए वैकल्पिक स्थानों की पहचान की और आवश्यक प्रस्ताव Greater Noida Industrial Development Authority (GNIDA) को सौंपे।

कंपनी का दावा है कि बार-बार follow-up के बावजूद GNIDA से अंतिम मंजूरी नहीं मिली, जिसके कारण स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
कंपनी ने कहा, “इस पूरे मामले में देरी संबंधित प्राधिकरण द्वारा अंतिम स्थान को मंजूरी न देने के कारण हुई।”

क्या आगे बढ़ेगी कार्रवाई?

अब सबकी नजर 12 जनवरी की सुनवाई पर टिकी है, जहां NGT यह तय करेगा कि कंपनी के खिलाफ आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, इस अंतरिम राहत से रियल एस्टेट डेवलपर को अस्थायी राहत जरूर मिली है।