उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से सामने आई एक बेहद दुखद घटना में एक युवक ने अपने परिवार के चार सदस्यों पर गोली चलाकर उनकी हत्या कर दी और खुद भी आत्महत्या कर ली। आरोपी नीरज पांडेय (32) ने अपनी मां चंद्रकला (55), बेटे संघर्ष (4) और बेटी शुभी (7) को गोली मारी, जिसमें मां और बेटे की मौके पर मौत हो गई जबकि बेटी की हालत गंभीर है और वह अस्पताल में इलाजरत है। नीरज ने वाराणसी में रहने वाले बहनोई से विवाद के बाद यह दर्दनाक कदम उठाया।
घटना का पूरा विवरण
नीरज पांडेय, जो दो महीने पहले चोलापुर जेल से छूटकर आया था, मंगलवार दोपहर को अचानक पिस्टल लेकर अपने घर पहुंचा। उसने पहले अपनी मां के पेट में गोली मारी, फिर बेटी शुभी और बेटे संघर्ष को गोली मारी, और अंत में खुद को भी गोली मार ली। घटना के समय नीरज की पत्नी और पिता घर पर मौजूद थे, लेकिन वे उस वक्त कमरे में नहीं थे।
बहनोई से विवाद और जेल हुई थी सलाखों की सजा
पुलिस की जांच के अनुसार, नीरज का बहनोई से काफी समय से विवाद चल रहा था। वह असलहा लेकर बहनोई को मारने की नीयत से गया था, जिसके कारण उसे जेल जाना पड़ा। इस वारदात के पीछे का पारिवारिक विवाद और शराब की लत बताई जा रही है। नीरज वाराणसी में पेट्रोल पंप पर काम करता था और परिवार भी वहीं रहता था।
घायल बेटी का हाल और पुलिस जांच
बेटी शुभी की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मृतकों के शव कब्जे में लेकर मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। मौके से पिस्टल बरामद हुई है, जिसके लाइसेंस के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मामले को घरेलू विवाद का नतीजा मान रही है।
परिवार के बयान
नीरज की पत्नी माधुरी ने बताया कि घटना के समय वे अपने मानसिक रूप से बीमार ससुर को पानी देने गई थीं। गोली चलने की आवाज सुनकर वे बाहर आईं तो नीरज खुद को गोली मार चुका था। माधुरी ने कहा कि नीरज बच्चों को लेकर कहीं जाना चाहता था, लेकिन विवाद के चलते ऐसा हुआ।