Anti-incumbency vs BJP Strategy: Who has the upper hand on 5 seats of Uttarakhand?
देहरादून/पौड़ी गढ़वाल: अक्टूबर का महीना उत्तराखंड में Protest और Agitation का प्रतीक बन गया है। राज्यभर में बेरोजगारी, स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी विकास को लेकर आंदोलन लगातार जारी हैं। राज्य स्थापना दिवस से ठीक पहले दो प्रमुख आंदोलनों ने सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया है—एक कोटद्वार-चिल्लरखाल मोटर मार्ग के निर्माण को लेकर, और दूसरा चौखुटिया से देहरादून तक की स्वास्थ्य सुविधा पदयात्रा।
Kotdwar Movement: 45 दिन से धरने पर लोग, मांग—चिल्लरखाल रोड को खोला जाए
पौड़ी गढ़वाल जिले के Kotdwar-Chillarkhal Motor Road को लेकर स्थानीय लोग पिछले 45 दिनों से धरने पर बैठे हैं।
यह सड़क Rajaji National Park के भीतर से गुजरती है और उत्तराखंड को सीधे जोड़ने वाली एक वैकल्पिक मार्ग मानी जाती है।
लोगों का कहना है कि यदि यह मार्ग पूरी तरह खोला जाता है, तो उन्हें Uttar Pradesh के रास्ते घूमकर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही Kotdwar Tourism और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इससे बड़ा लाभ मिलेगा।
राज्य गठन के बाद से ही यह मांग अधूरी है, और किसी भी सरकार ने इसे अभी तक पूरा नहीं किया है।
CM Pushkar Singh Dhami बोले – “संवाद से निकलेगा रास्ता”
1 नवंबर को मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने इस आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा:
“मैं इस पूरे मामले से वाकिफ हूं। हमारी बातचीत केंद्र और स्थानीय लोगों से चल रही है। हम जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय लेंगे। लोगों से अपील है कि वे शांति बनाए रखें। राज्य सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से काम कर रही है।”
सीएम धामी ने यह भी संकेत दिया कि सरकार आंदोलनकारियों से बैठकर बातचीत करने को तैयार है और mutual solution निकालने की दिशा में काम करेगी।
Chaukutia से शुरू हुई स्वास्थ्य सुविधाओं की पदयात्रा
दूसरा बड़ा आंदोलन अल्मोड़ा जिले की Gewaad Valley स्थित Chaukutia से शुरू हुआ है।
यहां के लोग Better Health Facilities in Uttarakhand की मांग को लेकर Dehradun तक पदयात्रा कर रहे हैं।
लगभग 8 दिनों से चल रही इस पदयात्रा में लोग रोज कई किलोमीटर पैदल चलकर गांव-गांव संदेश दे रहे हैं।
इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
CM Dhami बोले – “मैं खुद मिलूंगा पदयात्रियों से”
मुख्यमंत्री ने कहा,
“मुझे इस पदयात्रा की पूरी जानकारी है। मैं जल्द ही उनके साथ बैठकर बातचीत करूंगा। जो भी व्यावहारिक रास्ता होगा, उस पर सरकार काम करेगी।”
धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार Health Infrastructure Improvement को लेकर पहले से कई योजनाओं पर काम कर रही है, और आंदोलनकारियों के सुझावों का स्वागत किया जाएगा।
राज्य सरकार की प्राथमिकता – संवाद और समाधान
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि constructive dialogue है।
उन्होंने कहा कि,
“जो भी काम संभव हैं, राज्य सरकार उन्हें प्राथमिकता के साथ करेगी। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार पहले से ही कई कदम उठा रही है।”
इस दौरान उन्होंने यह भी जोड़ा कि दोनों आंदोलनों से संबंधित मांगों पर departmental discussions जारी हैं और जल्द positive outcome सामने आएगा।